राष्ट्रीय सम्मान समारोह का आयोजन
प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के सुचारू क्रियान्वयन के मामले में मध्य प्रदेश राज्य के चार प्रमुख जिलों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है। इन चुनिंदा जिलों में डिंडौरी, सीधी, उमरिया और टीकमगढ़ शामिल हैं जिन्होंने तय किए गए मानकों पर शानदार कार्य करके यह सफलता हासिल की है। केंद्रीय कृषि व किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा एक डिजिटल निगरानी मंच तैयार किया गया था जिस पर प्रमुख प्रदर्शन संकेतकों के आधार पर हर महीने की प्रगति को परखा गया था। इसी मासिक प्रगति की समीक्षा के बाद इन बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले जिलों का चयन किया गया है। इस विशेष योजना के एक वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में सोमवार के दिन नई दिल्ली स्थित एनएएससी कांप्लेक्स में सुबह ठीक 11 बजकर 30 मिनट से एक भव्य राष्ट्रीय सम्मान समारोह का आयोजन किया गया है। इस बड़े और महत्वपूर्ण कार्यक्रम में देश के कई गणमान्य अतिथि और अधिकारी उपस्थित रहेंगे। इसी निर्धारित समारोह के दौरान डिंडौरी जिले की कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया को विशेष रूप से सम्मानित किया जाना तय किया गया है जो पूरे जिले के लिए एक गर्व का क्षण है। इस गरिमामयी मंच से सभी शीर्ष जिलों की आधिकारिक रैंकिंग भी सार्वजनिक रूप से जारी की जाएगी जिससे अन्य जिलों को भी भविष्य में बेहतर कार्य करने की प्रेरणा प्राप्त होगी।
मंत्रियों की उपस्थिति और प्रतिनिधि दल
दिल्ली में आयोजित होने जा रहे इस राष्ट्रीय स्तर के सम्मान समारोह में केंद्र सरकार के कई बड़े मंत्री अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे। इस कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान विशेष रूप से शामिल होंगे और उनके साथ सहयोगी मंत्रालयों के अन्य केंद्रीय मंत्री भी अपनी मौजूदगी सुनिश्चित करेंगे। मध्य प्रदेश राज्य के कुल आठ जिलों से चार-चार सदस्यों के प्रतिनिधि दलों को इस समारोह में शामिल होने के लिए विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है। इन आठ जिलों में अनूपपुर, डिंडौरी, आलीराजपुर, शहडोल, उमरिया, सीधी, निवाड़ी और टीकमगढ़ के नाम शामिल हैं जिनके प्रतिनिधि इस समय दिल्ली पहुंच चुके हैं। यह विशेष दल दिल्ली के इस बड़े मंच पर अपने-अपने जिले के भीतर किए गए विशिष्ट नवाचारों और कृषि क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय कार्यों का विस्तृत प्रस्तुति देगा। वे अपने जिले की सफलताओं और अपनाई गई नई कार्यप्रणालियों की जानकारी देश भर से आए अन्य प्रतिनिधियों के साथ साझा करेंगे। इस प्रकार का संवाद और प्रस्तुतिकरण देश के अन्य हिस्सों में कृषि विकास की नई योजनाओं को लागू करने में काफी मददगार साबित होगा। केंद्रीय स्तर पर आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम से प्रशासनिक अधिकारियों और मैदानी स्तर पर काम करने वाली टीमों का उत्साहवर्धन भी होगा।
योजना का उद्देश्य और कृषि लाभ
प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना की आधिकारिक शुरुआत 11 अक्टूबर 2025 को देश भर के 100 सबसे पिछड़े और आकांक्षी जिलों में की गई थी। इस महत्वाकांक्षी योजना का मुख्य उद्देश्य देश के कुल 11 अलग-अलग मंत्रालयों की 36 मौजूदा योजनाओं को एक मंच पर एक साथ जोड़कर किसानों को सीधा लाभ पहुंचाना था। इसके साथ ही कृषि उत्पादकता में बढ़ोतरी करना, फसल सघनता में वृद्धि करना और कृषि क्षेत्र में ऋण वितरण की प्रक्रिया को बेहद सरल बनाकर किसानों को आत्मनिर्भर बनाना इसका प्रमुख लक्ष्य था। मध्य प्रदेश के इन चारों चयनित जिलों ने इन तीनों प्रमुख मानकों पर बहुत ही बेहतरीन कार्य करके अपनी क्षमता का लोहा मनवाया है। कृषि विज्ञानियों का ऐसा स्पष्ट मानना है कि इस तरह के राष्ट्रीय सम्मान से किसानों को मोटे अनाज के उत्पादन के प्रति बढ़ावा मिलेगा। साथ ही जैविक खेती को अपनाने, खेती में नई तकनीकों का इस्तेमाल करने और उन्नत कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने के लिए बड़े पैमाने पर प्रोत्साहन प्राप्त होगा। आने वाले समय में इन सभी पहलों से ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और किसानों की आय में भी उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलेगा जिससे कृषि क्षेत्र को एक नई दिशा प्राप्त होगी।