वाराणसी के पैगंबरपुर में हुआ भीषण विस्फोट
उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले के अंतर्गत आने वाले पैगंबरपुर क्षेत्र में गुरुवार की शाम को एक अत्यंत खतरनाक दुर्घटना सामने आई है। यहां एक आवासीय इमारत के भीतर अवैध रूप से विस्फोटक सामग्रियां तैयार करने का कार्य चल रहा था, जहां अचानक शाम के वक्त एक भयंकर विस्फोट हो गया। इस धमाके की शक्ति इतनी विकराल थी कि दो मंजिला पूरी इमारत पूरी तरह से मलबे के ढेर में बदल गई और धराशायी हो गई। इस विनाशकारी घटना के प्रभाव से आसपास की अन्य रिहायशी इमारतें भी बुरी तरह से प्रभावित हुई हैं। अचानक हुए इस तीव्र धमाके की आवाज जब दूर-दूर तक गूंजी, तो पूरे इलाके में सनसनी फैल गई और भय का माहौल बन गया। स्थानीय स्तर पर अफरा-तफरी के बीच लोगों ने तुरंत प्रशासनिक अधिकारियों को इस अनहोनी की जानकारी दी। इस भयंकर हादसे की चपेट में आने से मौके पर मौजूद तीन लोग अत्यंत गंभीर रूप से जख्मी हो गए, जिनकी स्थिति नाजुक बताई जा रही है।
राहत और बचाव कार्यों में जुटा प्रशासन
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस विभाग के साथ-साथ राष्ट्रीय आपदा मोचन बल यानी एनडीआरएफ और राज्य आपदा मोचन बल यानी एसडीआरएफ की टीमें तुरंत दुर्घटना स्थल पर पहुंच गईं। इन सभी सुरक्षा और राहत एजेंसियों ने मिलकर तत्काल प्रभाव से युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन का संचालन शुरू किया ताकि मलबे में फंसे लोगों को निकाला जा सके। हादसे में बुरी तरह से झुलसे हुए तीनों व्यक्तियों को फौरन इलाज के लिए नजदीकी चिकित्सालय पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उनका उपचार जारी है और उनकी हालत बेहद गंभीर बनी हुई है। इस बीच, वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट ने इस मामले में त्वरित प्रशासनिक कदम उठाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए इस क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले संबंधित चौकी प्रभारी और एक सिपाही को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इसके अलावा, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अवैध रूप से इस प्रकार के घातक कारखाने का संचालन करने के सभी पहलुओं की गहनता से जांच की जाएगी और इसमें जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय लोगों का विरोध और पुरानी शिकायतें
दुर्घटना के बाद मौके पर एकत्र हुए स्थानीय निवासियों ने खुलकर बताया कि इस मकान में पिछले काफी लंबे समय से अवैध रूप से पटाखों का निर्माण किया जा रहा था। पड़ोसियों और स्थानीय नागरिकों ने इस गैरकानूनी गतिविधि का पहले भी कई बार कड़ा विरोध किया था और इसे बंद कराने की मांग उठाई थी। हालांकि, स्थानीय लोगों की इन आपत्तियों और चेतावनियों को लगातार नजरअंदाज कर दिया गया, जिसके परिणामस्वरूप अंततः यह भीषण त्रासदी घटित हो गई। ग्रामीणों और आसपास के लोगों के अनुसार, यह पूरी इमारत राजू खान नामक एक व्यक्ति की बताई जा रही है। प्राप्त जानकारियों के मुताबिक, इस अवैध पटाखा फैक्ट्री के ठिकाने पर पहले भी पूर्व में छापेमारी की जा चुकी थी और तब भी स्थानीय जनता ने इसे पूरी तरह बंद करने की जोरदार मांग रखी थी। लेकिन उस समय भी उनकी शिकायतों को पूरी तरह से दरकिनार कर दिया गया, जिसके कारण बेखौफ होकर यह खतरनाक कारोबार जारी रहा। अब इस बड़े हादसे के सामने आने के बाद स्थानीय प्रशासन पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं और जनता दोषियों के खिलाफ कड़ी सजा की मांग कर रही है।