एक अक्टूबर से पर्यटकों के लिए खुलेंगे द्वार मानसून के मौसम के दौरान सुरक्षा और वन्यजीवों के प्राकृतिक प्रजनन चक्र को ध्यान में रखते हुए देश भर के राष्ट्रीय उद्यानों और अभयारण्यों की तरह जयपुर के टाइगर रिजर्व में भी सफारी और पर्यटन गतिविधियों पर अस्थायी रोक लगा दी जाती है। यह प्रतिबंध आमतौर पर तीन महीने तक प्रभावी रहता है जिसके दौरान पर्यटकों के प्रवेश की अनुमति नहीं होती है। अब इस समयावधि के पूरा होने के बाद आगामी 1 अक्टूबर से जयपुर के टाइगर रिजर्व को सैलानियों के लिए दोबारा खोला जा रहा है। वन अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार इस बार के सीजन के लिए सभी आवश्यक तैयारियां समय रहते पूरी कर ली गई हैं ताकि पर्यटकों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े और वे प्रकृति के सान्निध्य में सुरक्षित आनंद उठा सकें।
सफारी ट्रैक और पेट्रोलिंग रूट की विशेष तैयारी पर्यटकों के स्वागत और सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए वन विभाग ने पिछले कुछ हफ्तों में व्यापक स्तर पर तैयारियां की हैं। मानसून के दौरान बारिश और जलभराव के कारण क्षतिग्रस्त हुए सफारी ट्रैक की बड़े पैमाने पर मरम्मत की गई है ताकि जिप्सी और अन्य पर्यटक वाहन बिना किसी बाधा के दौड़ सकें। इसके साथ ही जंगलों के भीतर सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद करने के लिए पेट्रोलिंग रूट को भी पूरी तरह दुरुस्त कर लिया गया है ताकि वन कर्मियों की आवाजाही सुगम बनी रहे और वन्यजीवों की निगरानी प्रभावी ढंग से की जा सके। जिप्सी चालकों और गाइडों के लिए भी आवश्यक दिशा-निर्देश तैयार किए गए हैं ताकि पर्यटकों को वन्यजीव संरक्षण के नियमों के बारे में जागरूक किया जा सके और जंगल की शांति एवं पारिस्थितिकी तंत्र को किसी भी प्रकार का नुकसान न पहुंचे। वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने पूरी कार्यप्रणाली का निरीक्षण कर अपनी संतुष्टि जताई है।
पर्यटन कारोबार को मिलेगी रफ्तार और उत्साह टाइगर रिजर्व के दोबारा खुलने से जयपुर के स्थानीय पर्यटन उद्योग और होटल कारोबार से जुड़े लोगों में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है। मानसून के इन तीन महीनों में सफारी बंद रहने के कारण पर्यटन गतिविधियों पर जो असर पड़ा था, अब उसके पूरी तरह उबरने की उम्मीद जताई जा रही है। देश-विदेश से आने वाले प्रकृति प्रेमियों और वन्यजीव फोटोग्राफरों ने पहले से ही बुकिंग को लेकर पूछताछ शुरू कर दी है, जिससे यह साफ जाहिर होता है कि इस बार का सीजन काफी व्यस्त रहने वाला है। स्थानीय गाइड, जिप्सी मालिक और रिसॉर्ट संचालक इस बड़े दिन का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे ताकि उनका कारोबार पटरी पर लौट सके। वन विभाग को भी उम्मीद है कि इस बार रिकॉर्ड संख्या में पर्यटक इन आरक्षित वनों का रुख करेंगे, जिससे न केवल राजस्व में वृद्धि होगी बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।