ग्रामीणों द्वारा लाइनमैन के साथ मारपीट की घटना
उत्तर प्रदेश के सैदनपुर क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले भरथीपुर का पुरवा गांव में एक गंभीर घटना सामने आई जहां विद्युत आपूर्ति को सुचारू करने पहुंचे एक कर्मचारी को ग्रामीणों ने निशाना बनाया। बिजली विभाग के लाइनमैन सुशील गुरुवार को एक शिकायत मिलने के बाद संबंधित गांव में बिजली के फाल्ट को सुधारने के लिए पहुंचे थे। इसी दौरान वहां मौजूद कुछ लोगों ने किसी बात को लेकर उनके साथ हाथापाई और मारपीट शुरू कर दी। इस अप्रत्याशित हमले से लाइनमैन बुरी तरह आहत हुए और क्षेत्र के अन्य कर्मचारियों तक इस बात की त्वरित सूचना पहुंच गई। एक सरकारी ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी के साथ इस तरह की हिंसा होने से पूरे विभाग के भीतर खलबली मच गई और कर्मियों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। इस हमले के बाद कर्मचारियों ने फौरन अपने स्तर पर विरोध जताना शुरू कर दिया ताकि दोषियों के खिलाफ उचित कदम उठाया जा सके।
कर्मचारियों का उपकेंद्र पर प्रदर्शन और फीडर बंद
साथी कर्मचारी के साथ हुई मारपीट की इस घटना की जानकारी मिलते ही तमाम विद्युतकर्मी एकजुट होकर स्थानीय उपकेंद्र पर जा पहुंचे। गुस्से में भरे इन कर्मचारियों ने बिजलीघर पर जोरदार प्रदर्शन का सिलसिला शुरू कर दिया और अपनी नाराजगी खुले तौर पर जाहिर की। स्थिति को और गंभीर बनाते हुए प्रदर्शनकारी कर्मियों ने मुख्य फीडर को पूरी तरह से बंद कर दिया जिससे विद्युत प्रवाह एकदम बाधित हो गया। फीडर के बंद हो जाने की वजह से आसपास के लगभग चार सौ गांवों की बिजली आपूर्ति पूरी तरह से ठप हो गई। इस अचानक हुए बिजली कट के कारण ग्रामीण अंचलों के आम उपभोक्ताओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा क्योंकि घरों से लेकर व्यावसायिक प्रतिष्ठानों तक कामकाज ठप पड़ गया। बिजली गुल होने से लोगों को उमस और गर्मी के बीच बेहाल होना पड़ा और किसी भी स्तर पर राहत नहीं मिल पा रही थी। उपकेंद्र पर इकट्ठा हुए कर्मियों ने साफ कर दिया कि जब तक उनकी मांगों पर गौर नहीं किया जाएगा तब तक उनका रोष शांत नहीं होगा।
अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी और सुरक्षा की मांग
उपकेंद्र पर प्रदर्शन कर रहे विद्युत कर्मचारियों ने प्रबंधन और वरिष्ठ अधिकारियों के रवैये के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और तीखा आक्रोश व्यक्त किया। कर्मचारियों ने मुख्य रूप से आरोप लगाया कि इतनी बड़ी घटना घटने के बावजूद विभाग का कोई भी वरिष्ठ अधिकारी सुध लेने मौके पर नहीं पहुंचा। उनका कहना था कि उन्हें मैदानी इलाकों में काम करने के लिए जरूरी लाइन संबंधी उपकरण तक उपलब्ध नहीं कराए जाते हैं जिससे उनकी जान को जोखिम रहता है। किसी भी कर्मचारी के साथ दुर्घटना या घटना होने पर उच्चाधिकारियों से अपेक्षित सहयोग या संवेदनशीलता नहीं मिलती है जो बेहद निराशाजनक है। सभी प्रदर्शनकारी कर्मियों ने एक स्वर में मांग की कि लाइनमैन के साथ मारपीट करने वाले उपद्रवियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही उन्होंने अपनी दैनिक कार्यप्रणाली से जुड़ी सुरक्षा संबंधी समस्याओं का स्थाई समाधान निकाले जाने की पुरजोर मांग उठाई ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।