मुंबई क्षेत्र की हवाई भीड़ से मिलेगी राहत
मुंबई का छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा अपनी संतृप्ति सीमा के करीब पहुंच चुका है जिससे उड़ानों में देरी और रनवे कंजेशन की समस्या आम हो गई थी। नवी मुंबई हवाई अड्डे के चालू होने से पश्चिमी भारत के विमानन यातायात को बहुत बड़ा संबल मिलेगा। परियोजना का पहला चरण निर्धारित समयसीमा में पूरा होने की दिशा में तेजी से अग्रसर है।
कार्गो हब और लॉजिस्टिक्स गलियारे का निर्माण
यात्री उड़ानों के साथ-साथ इस हवाई अड्डे को एशिया के एक प्रमुख कार्गो और लॉजिस्टिक्स हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट (जेएनपीटी) और आगामी डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के निकट होने के कारण यहां से अंतरराष्ट्रीय माल ढुलाई को अभूतपूर्व बढ़ावा मिलेगा। बहुराष्ट्रीय विनिर्माण कंपनियां पहले से ही आसपास के क्षेत्रों में अपने वेयरहाउस स्थापित कर रही हैं।
स्थानीय रोजगार और आर्थिक विकास को रफ्तार
हवाई अड्डा परियोजना के पूर्ण परिचालन से क्षेत्र में लाखों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने का अनुमान है। नवी मुंबई, पनवेल और ठाणे के रियल एस्टेट व आतिथ्य क्षेत्र में इस घोषणा के बाद भारी उछाल देखा जा रहा है। राज्य सरकार ने हवाई अड्डे तक मेट्रो और एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के कार्यों में भी तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।