विद्यालयों में फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता का आयोजन
प्रयागराज जिले के सभी विद्यालयों में आने वाले नवंबर और दिसंबर के महीनों के दौरान बच्चों के लिए विशेष फैंसी ड्रेस प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। इस संबंध में जिला प्रशासन की तरफ से बेसिक शिक्षा अधिकारी यानी बीएसए और जिला विद्यालय निरीक्षक यानी डीआईओएस को स्पष्ट निर्देश जारी कर दिए गए हैं। इन सभी प्रतियोगिताओं का मुख्य विषय पूरी तरह से पौराणिक रखा गया है ताकि छात्र-छात्राएं पौराणिक कथाओं और पात्रों से परिचित हो सकें। शिक्षा विभाग के इन दोनों प्रमुख अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि उनके अधीन आने वाले सभी विद्यालय तय समय सीमा के भीतर इन आयोजनों को सुचारू रूप से पूरा करें। इस पहल का उद्देश्य स्कूली बच्चों में रचनात्मकता को बढ़ावा देना और उन्हें हमारी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ना है। अधिकारी अपने स्तर पर सभी स्कूलों के प्रधानाचार्यों के साथ बैठक कर इसकी रूपरेखा तैयार कर रहे हैं ताकि कार्यक्रम को पूरी भव्यता और अनुशासन के साथ संपन्न कराया जा सके।
विजेताओं का सम्मान और पर्यटन विभाग की तैयारी
इन विशेष फैंसी ड्रेस प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने वाले बच्चों में से बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले विजेताओं का चयन किया जाएगा। इन सभी चयनित विजेताओं को आगामी माघ मेले के दौरान विशेष रूप से सम्मानित किए जाने की पूरी योजना बनाई गई है। दूसरी तरफ इस पूरे आयोजन को और अधिक आकर्षक बनाने के लिए पर्यटन विभाग को भी एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। पर्यटन विभाग के अधिकारियों से कहा गया है कि वे इस पूरे आयोजन और मेले के मद्देनजर पौराणिक थीम पर आधारित विशेष प्रवेश द्वार यानी गेट तैयार करवाएं। यह गेट अपनी अनूठी सजावट और सांस्कृतिक भव्यता के कारण आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का मुख्य केंद्र बनेंगे। संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों को यह निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने कार्यों को समय पर पूरा करें ताकि किसी भी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके और इस प्राचीन परंपरा को आधुनिक रूप में खूबसूरती से दर्शाया जा सके।
सांस्कृतिक विभाग और नवाचार के नए विचार
संस्कृति विभाग को प्रयागराज में माघ मेले और इन आयोजनों के दौरान सेल्फी पॉइंट बनाने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके साथ ही कला और विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों के सफल आयोजन की पूरी जिम्मेदारी उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र और संस्कृति विभाग को संयुक्त रूप से दी गई है। मेलाधिकारी ऋषिराज ने इस संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि इन सभी व्यवस्थाओं के अतिरिक्त जिले के सभी विभागों के अध्यक्षों से यह विशेष अपेक्षा की गई है कि वे नवाचार यानी कुछ नए और रचनात्मक विचार प्रस्तुत करें। इन सभी विभागों के प्रमुख अपने-अपने क्षेत्र में नए विचारों के जरिए व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने का काम करेंगे। अधिकारी इन सभी प्रस्तावों पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं ताकि इस बार का आयोजन न सिर्फ ऐतिहासिक बने बल्कि आने वाले लोगों के लिए भी एक यादगार अनुभव साबित हो सके। प्रशासन के इन सभी मिले-जुले प्रयासों से शहर में अभी से एक उत्साह का माहौल बनता हुआ नजर आ रहा है।