सामनेघाट से रामनगर मार्ग पर वाहनों का महाजाम
वाराणसी शहर के अंतर्गत आने वाले बेहद व्यस्त मार्ग पर शनिवार को एक बार फिर से भारी यातायात जाम की समस्या ने विकराल रूप धारण कर लिया। यह स्थिति सामनेघाट से शुरू होकर ट्रामा सेंटर के रास्ते रामनगर तक फैली हुई थी। सड़क के दोनों किनारों पर वाहनों की लंबी और अंतहीन कतारें साफ नजर आ रही थीं। इस भयंकर अवरोध के कारण पूरे क्षेत्र की यातायात व्यवस्था बुरी तरह से प्रभावित हो गई। सड़क से गुजरने वाले आम नागरिकों और राहगीरों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए काफी लंबी देरी का सामना करना पड़ा। गाड़ियां घंटों तक अपनी जगह पर स्थिर खड़ी रहने को मजबूर हो गईं जिससे यात्रियों की परेशानी का स्तर काफी ज्यादा बढ़ गया। स्थानीय नागरिकों ने बताया कि यह कोई पहली बार नहीं हुआ है बल्कि पिछले तीन दिनों से लगातार इसी प्रकार की गंभीर स्थिति शाम के वक्त बन रही है। मुख्य मार्गों पर वाहनों के इस कदर फंस जाने से पैदल चलने वाले लोगों को भी सड़क पार करने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। यातायात के सुचारू रूप से संचालित न होने के कारण कामकाजी लोगों और जरूरी काम से निकले नागरिकों का कीमती समय सड़कों पर ही बर्बाद हो गया। इस प्रकार की स्थिति से निपटने के लिए मौके पर यातायात पुलिस कर्मियों की संख्या नाकाफी साबित होती दिख रही थी जिससे स्थिति और अधिक गंभीर रूप लेती चली गई।
गलत दिशा में वाहन चलाने से बिगड़े हालात
सड़क पर फैली भयंकर अराजकता और वाहनों के लंबे पहियों के थम जाने के बाद स्थिति को संभालने के बजाय कुछ वाहन चालकों ने नियमों की अनदेखी शुरू कर दी। जाम की इस विकट स्थिति से किसी तरह जल्दी निकलने की होड़ में कई मोटरसाइकिल चालकों और अन्य वाहन चालकों ने अपने वाहनों को सीधे उल्टी दिशा यानी रॉन्ग साइड में घुसा दिया। इसके चलते सड़क पर यातायात का संतुलन पूरी तरह से बिगड़ गया और हालात को संभालना और अधिक कठिन हो गया। जब विपरीत दिशा से वाहन आमने-सामने आ गए तो आवागमन का पूरा रास्ता पूरी तरह से अवरुद्ध हो गया। इस अनुचित हरकत की वजह से दोनों तरफ से आने-जाने वाले वाहन आपस में उलझ गए और सड़क पर वाहनों का ऐसा चक्रव्यूह बना जिससे निकलना किसी के लिए भी संभव नहीं रह गया। इसके साथ ही सामनेघाट इलाके में विभिन्न घाटों की तरफ आने-जाने वाले वाहनों की भारी भीड़ भी उसी समय सड़क पर उतर आई। इस अतिरिक्त भीड़ के कारण मुख्य मार्ग पर दबाव और अधिक बढ़ गया और सड़क पर वाहनों की कतारें और लंबी होती चली गईं। इस प्रकार की अव्यवस्था और नियमों की धज्जियां उड़ते देख वहां से गुजरने वाले हर आम आदमी के मन में नाराजगी साफ देखी जा सकती थी। इस पूरे घटनाक्रम की कई तस्वीरें और वीडियो फुटेज भी सामने आई हैं जो सीधे तौर पर स्थानीय यातायात प्रबंधन व्यवस्था की पोल खोलती हुई नजर आ रही हैं और प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं।
लगातार तीसरे दिन राहगीरों की बढ़ी मुश्किलें
स्थानीय निवासियों और दुकानदारों से मिली जानकारी के अनुसार पिछले तीन दिनों से लगातार हर शाम इसी प्रकार का भयंकर यातायात संकट इस मार्ग पर उत्पन्न हो रहा है। लगातार तीन दिनों तक शाम ढलते ही इस मुख्य मार्ग पर जाम लग जाना अब एक नियमित समस्या का रूप लेता जा रहा है। शाम के वक्त काम से लौटने वाले लोगों और आवश्यक यात्रा करने वालों के लिए यह मार्ग किसी सजा से कम साबित नहीं हो रहा है। प्रशासन और संबंधित यातायात अधिकारियों की तरफ से इस पुरानी और बार-बार उभरती हुई समस्या का कोई ठोस और स्थाई समाधान अब तक सामने नहीं आ पाया है। सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर वायरल हो रही जाम की इन तस्वीरों ने जिम्मेदार महकमों की कार्यशैली को लेकर जनता के बीच गहरी नाराजगी पैदा कर दी है। राहगीरों का कहना है कि यदि समय रहते इस रूट पर यातायात नियंत्रण के लिए कड़े कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले दिनों में स्थिति और अधिक भयावह हो सकती है। घाटों की तरफ जाने वाले पर्यटकों और स्थानीय निवासियों की आवाजाही के कारण इस मार्ग पर हमेशा दबाव रहता है जिसे कम करने के लिए विशेष योजना की सख्त जरूरत महसूस की जा रही है। लोग अब यह उम्मीद कर रहे हैं कि जिला प्रशासन इस मामले का संज्ञान लेगा और भविष्य में ऐसी परेशानियों से बचाने के लिए कोई प्रभावी यातायात प्रबंधन नीति तैयार करेगा।