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मानसूनी आफत: उत्तर भारत में भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, भूस्खलन से छह की मौत
उत्तर भारत में सक्रिय मानसून के चलते हालात गंभीर बने हुए हैं। लगातार हो रही भारी बारिश के कारण मैदानी इलाकों से लेकर पर्वतीय क्षेत्रों तक जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है, जबकि हादसों में कई लोगों की जान चली गई है।
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Ankit Yadav
21 अग 2026, 18:46
उत्तर भारत के कई राज्यों में मानसून का प्रकोप लगातार जारी है, जिसके कारण आम जनजीवन पूरी तरह से थम सा गया है। बादलों के मेहरबान होने से जहां एक ओर गर्मी से राहत मिली है, वहीं दूसरी ओर भारी वर्षा कई इलाकों के लिए अभिशाप बन गई है। विशेष रूप से उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में मौसम की मार ने तबाही मचा रखी है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते नदियां उफान पर हैं और निचले इलाकों में पानी भर जाने से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी स्थिति ऐसी ही बने रहने की आशंका जताई है, जिससे प्रशासन और स्थानीय नागरिकों की चिंताएं काफी बढ़ गई हैं।
पर्वतीय राज्यों में भूस्खलन का तांडव
पर्वतीय राज्यों की बात करें तो हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में प्राकृतिक आपदा ने भयानक रूप ले लिया है। इन दोनों ही राज्यों में पहाड़ी इलाकों से बड़े पैमाने पर चट्टानें खिसकने और भूस्खलन होने की घटनाएं सामने आई हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में हुए अलग-अलग भूस्खलन के हादसों में कुल छह लोगों की जान जा चुकी है, जिनमें दोनों राज्यों से तीन-तीन लोगों के मारे जाने की पुष्टि हुई है। कई मार्गों पर भारी मलबा आ जाने के कारण यातायात पूरी तरह से बाधित हो गया है, जिससे राहत और बचाव कार्यों में भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन बल मौके पर मुस्तैद हैं और रास्तों को साफ करने का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है।
प्रयागराज जलमग्न और निचले इलाकों में संकटदूसरी ओर, उत्तर प्रदेश के प्रमुख ऐतिहासिक और धार्मिक शहर प्रयागराज में भी मानसूनी बारिश ने विकराल रूप ले लिया है। शहर के कई प्रमुख मोहल्लों और सड़कों पर भारी जलभराव हो जाने के कारण स्थिति बेहद दयनीय हो गई है। हालात यह हैं कि शहर का एक बड़ा हिस्सा पानी-पानी हो चुका है, जिससे आम नागरिकों का घरों से बाहर निकलना तक दूभर हो गया है। जल निकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण लोगों को घुटनों तक भरे गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों को इस भारी मुसीबत से राहत दिलाने के लिए नगर निगम की टीमें पंपों के जरिए पानी निकालने के प्रयास में जुटी हुई हैं, ताकि जनजीवन को जल्द से जल्द सामान्य पटरी पर लाया जा सके।
प्रशासनिक चौकसी और आगे की चेतावनीइस भयंकर प्राकृतिक आपदा के मद्देनजर राज्य सरकारों ने सभी संबंधित विभागों को पूरी तरह से सतर्क रहने के निर्देश जारी कर दिए हैं। आपदा प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक रूप से यात्रा करने से बचें और सुरक्षित स्थानों पर ही रहें, खासकर पर्वतीय क्षेत्रों में जहां भूस्खलन का खतरा सबसे अधिक बना हुआ है। सरकार और स्थानीय प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया जा रहा है ताकि इस मुश्किल वक्त में लोगों की मदद की जा सके।