चक्रवात का खतरा और मौसम में बदलाव
बंगाल की खाड़ी में बना गहरा अवदाब अगले चौबीस घंटे के बाद चक्रवाती तूफान में तब्दील होकर एक अत्यंत गंभीर चक्रवाती तूफान बनने की ओर तेजी से अग्रसर हो रहा है। इस खतरनाक मौसमी प्रणाली का झारखंड राज्य पर बहुत व्यापक असर पड़ने की पूरी आशंका जताई जा रही है। मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया है कि इस संभावित तूफान के प्रभाव से राज्य भर में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल जाएगा। आगामी सत्ताईस अक्तूबर से ही मौसम में बदलाव साफ तौर पर नजर आने लगेगा जब पूरे राज्य के आसमान में घने बादल छा जाएंगे। इसके साथ ही राज्य के कई अलग-अलग स्थानों पर गरज के साथ झमाझम बारिश होने की पूरी संभावना है जिससे लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह मौसमी बदलाव किसी एक जिले तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि इसका प्रभाव राजधानी रांची समेत पूरे झारखंड के बड़े भूभाग पर देखने को मिलेगा।
लगातार बारिश और जलजमाव की चेतावनी
मौसम विभाग द्वारा जारी की गई आधिकारिक चेतावनी के अनुसार अट्ठाइस अक्तूबर से तीस अक्तूबर तक झारखंड में लगातार और निरंतर बारिश होने की प्रबल संभावना है। इस अवधि के दौरान राज्य के अंदरूनी हिस्सों तथा राजधानी रांची समेत अन्य कई जिलों के निचले इलाकों और सड़कों पर भारी जलजमाव की गंभीर स्थिति उत्पन्न हो सकती है। लगातार होने वाली इस बारिश के कारण नदियां और बड़े नाले उफान पर आ जाएंगे जिससे निचले आवासीय क्षेत्रों में बाढ़ जैसी डरावनी स्थिति बन सकती है। इसके अलावा सड़कों पर पानी भरने और लगातार बारिश के कारण दृश्यता बेहद कम हो जाएगी जिससे सड़क दुर्घटनाओं का खतरा काफी बढ़ सकता है। एहतियात के तौर पर मौसम विभाग ने नागरिकों को केवल अनिवार्य कार्यों के लिए ही पूरी सावधानी के साथ घरों से बाहर निकलने की सलाह दी है। जलभराव वाले रास्तों सब-वे और किसी भी कमजोर पुल-पुलिया को पैदल पार करने पर पूरी तरह से मनाही की गई है ताकि किसी भी अनहोनी से बचा जा सके।
सुरक्षात्मक उपाय और किसानों के लिए निर्देश
भारी बारिश और संभावित चक्रवात के प्रभाव से उत्पन्न होने वाले खतरों को देखते हुए प्रशासन ने व्यापक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। लगातार हो रही इस मूसलाधार बारिश के कारण कच्चे मकानों झुग्गी-झोपड़ियों और अन्य कमजोर आवासों को आंशिक या भारी नुकसान पहुंच सकता है। खेतों में लगातार पानी जमा होने से वहां खड़ी फसल को भी भारी नुकसान पहुंचने की आशंका जताई गई है जिसे लेकर किसानों के लिए खास निर्देश दिए गए हैं। किसानों से कहा गया है कि वे अपने खेतों से अतिरिक्त पानी की सुरक्षित निकासी के लिए विशेष क्यारी बनाकर पानी बाहर निकालें ताकि फसल को बचाया जा सके। बारिश के इस दौर के दौरान लोगों को किसी भी विद्युत खंभे खुले तारों और ट्रांसफार्मर से उचित दूरी बनाए रखने का कड़ा निर्देश दिया गया है। यदि किसी के घर के अंदर पानी घुसने लगे तो तुरंत विद्युत उपयोग पूरी तरह से बंद कर देने की सलाह दी गई है ताकि करंट लगने जैसे हादसों को रोका जा सके।