इन इलाकों में भारी वर्षा और तेज हवाओं की संभावना
राज्य के कई क्षेत्रों में मौसम का मिजाज बदलने की पूरी संभावना है जिसके तहत भोपाल स्थित भारत मौसम विज्ञान विभाग ने बड़ा अलर्ट जारी किया है। आगामी उनतीस अक्टूबर को प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में बादलों की गरज के साथ बारिश होने की पूरी उम्मीद जताई गई है। मौसम कार्यालय के आंकड़ों के मुताबिक इस दौरान कुछ चुनिंदा जगहों पर बहुत भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। जिन खास इलाकों में सबसे अधिक असर दिखने की उम्मीद है उनमें सिंगरौली जिला शामिल है इसके अलावा सीधी और मऊगंज क्षेत्र में भी बादलों का भारी प्रकोप देखने को मिल सकता है। इन तीनों ही स्थानों पर मौसम विभाग ने बहुत भारी वर्षा की चेतावनी को पूरी तरह से स्पष्ट किया है। खास बात यह है कि इस अवधि के दौरान इन सभी प्रभावित इलाकों में आसमान में तेज चमक के साथ बादलों की गड़गड़ाहट होगी और वातावरण में अचानक बड़ा बदलाव आ जाएगा। मौसम विभाग की तरफ से जारी किए गए आधिकारिक पूर्वानुमान के अनुसार उनतीस अक्टूबर की सुबह आठ बजकर तीस मिनट से लेकर अगले दिन यानी तीस अक्टूबर की सुबह आठ बजकर तीस मिनट तक का समय सबसे संवेदनशील रहने वाला है। इस तयशुदा समयावधि के दौरान इन तीनों प्रमुख जिलों में कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश होने की आशंका है जिससे आम जनजीवन प्रभावित हो सकता है। बारिश के साथ-साथ इन विशेष स्थानों पर तेज झोंकेदार हवाएं चलने की भी पूरी संभावना है जिनकी गति चालीस से पचास किलोमीटर प्रति घंटे तक आंकी गई है। स्थानीय प्रशासन और मौसम कार्यालय ने इस संभावित प्राकृतिक बदलाव को देखते हुए संबंधित क्षेत्रों के सभी निवासियों को पूरी तरह सतर्क और सावधान रहने की सख्त सलाह दी है ताकि किसी भी तरह की अनहोनी या असुविधा से बचा जा सके।
अन्य जिलों में वर्षा और हवा की रफ्तार का पूरा ब्यौरा
मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार राज्य के अन्य कई जिलों में भी भारी बारिश और तेज हवाओं का दौर देखने को मिलेगा। जिन इलाकों में भारी वर्षा की चेतावनी दी गई है उनमें रीवा जिला प्रमुख है और इसके साथ ही सतना जिला भी इस सूची में शामिल है। अनूपपुर और शहडोल के अलावा उमरिया तथा डिंडोरी जिले में भी भारी बारिश होने की पूरी संभावना है। मंडला और बालाघाट तथा मैहर क्षेत्र के निवासियों को भी मौसम के इस बदले हुए तेवर के प्रति आगाह किया गया है क्योंकि यहां भी कुछ स्थानों पर भारी पानी बरस सकता है। इसके अतिरिक्त राज्य के कई अन्य भागों में भी तेज हवाओं के चलने का अनुमान जताया गया है जिनमें कटनी जिला शामिल है। जबलपुर और नरसिंहपुर तथा छिंदवाड़ा क्षेत्र में भी हवाओं का जोर रहेगा। सिवनी और पन्ना तथा दमोह जिले में भी मौसम का मिजाज बिगड़ने की पूरी संभावना है। सागर और छतरपुर तथा टीकमगढ़ जिले में भी हवाएं चल सकती हैं। निवाड़ी और पांढुर्णा क्षेत्र में भी गरज-चमक के साथ चालीस से पचास किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान व्यक्त किया गया है। इसके अलावा भोपाल क्षेत्र में भी हवाएं चलेंगी और विदिशा तथा रायसेन में भी इनका असर दिखेगा। सीहोर और राजगढ़ तथा नर्मदापुरम जिले में भी हवाएं चलने की बात कही गई है। बैतूल और हरदा तथा देवास जिले में भी मौसम प्रभावित रहेगा। शाजापुर और आगर तथा गुना जिले में भी हवाओं का वेग बना रहेगा। अशोकनगर और शिवपुरी तथा ग्वालियर जिले में भी हवाएं चल सकती हैं। दतिया और भिंड तथा मुरैना एवं श्योपुरकलां जिले में भी गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने की बात कही गई है। इन आखिरी बताए गए जिलों में हवा की रफ्तार तीस से चालीस किलोमीटर प्रति घंटे तक दर्ज की जा सकती है जो स्थानीय मौसम को प्रभावित करेगी।
अगले दिन का प्रभाव और सुरक्षा के लिए जरूरी निर्देश
मौसम विभाग के अगले दिन के पूर्वानुमान के मुताबिक तीस अक्टूबर को भी प्रदेश के कई इलाकों में मौसम का प्रभाव बना रह सकता है। इस दौरान ग्वालियर और दतिया तथा भिंड और मुरैना जिले प्रभावित हो सकते हैं। सिंगरौली और सीधी तथा रीवा एवं मऊगंज क्षेत्र में भी असर दिखेगा। सतना और अनूपपुर तथा शहडोल और उमरिया जिले भी इस दायरे में आ सकते हैं। डिंडोरी और कटनी तथा जबलपुर एवं सिवनी में भी मौसम बदल सकता है। मंडला और बालाघाट तथा पन्ना एवं दमोह जिले भी प्रभावित हो सकते हैं। छतरपुर और टीकमगढ़ तथा निवाड़ी एवं मैहर में भी मौसम का असर देखने को मिल सकता है। लगातार बदलती इन परिस्थितियों के बीच मौसम विभाग ने आम जनता के लिए कुछ बेहद जरूरी एहतियाती निर्देश जारी किए हैं। गरज-चमक और बिजली कड़कने के दौरान लोगों को खुले मैदानों में जाने से बचने की सलाह दी गई है। इस दौरान पेड़ों के नीचे खड़े रहना खतरनाक हो सकता है इसलिए ऐसा करने से पूरी तरह बचना चाहिए। बिजली चमकने की स्थिति में किसी सुरक्षित इमारत या फिर किसी बंद वाहन के भीतर ही शरण लेनी चाहिए ताकि खतरे को टाला जा सके। यदि बहुत तेज बारिश होती है तो ऐसे रास्तों से गुजरने से बचना चाहिए जहां जलभराव की समस्या हो जाती है। किसी भी लंबी यात्रा पर निकलने से पहले स्थानीय स्तर पर मौसम की ताजा स्थिति की जानकारी जरूर जांच लेनी चाहिए ताकि रास्ते में कोई परेशानी न आए। किसानों को भी विशेष रूप से यह सलाह दी जाती है कि वे खेतों में किसी भी प्रकार का काम शुरू करने से पहले मौसम संबंधी ताजा सलाह पर पूरा ध्यान दें। यह सारी जानकारी मौसम केंद्र भोपाल की छब्बीस अक्टूबर की प्रेस विज्ञप्ति और उसके पूर्वानुमान पर आधारित है।