चक्रवात का असर और प्रभावित जिले
अर्नब चक्रवात का प्रकोप राज्य के विभिन्न हिस्सों में स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है जिससे कई इलाकों में स्थिति पूरी तरह बदल गई है। भागलपुर जिला, नवादा जिला, गोपालगंज जिला, मुजफ्फरपुर जिला, सासाराम जिला, पूर्वी चंपारण जिला तथा भोजपुर जिला इस प्रणाली की चपेट में आ गए हैं। आसमान पूरी तरह घने बादलों से ढका हुआ है और कई स्थानों पर रात के समय से ही रुक-रुककर वर्षा हो रही है। सुबह के वक्त भी इन क्षेत्रों में बादलों के कारण अंधेरा छाया रहता है जिससे दिन की शुरुआत काफी धुंधली और सर्द महसूस होती है। पारे में अचानक आई भारी गिरावट की वजह से आम जनजीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है और लोगों ने गर्म कपड़े पहनने शुरू कर दिए हैं। कामकाज के सिलसिले में बाहर निकलने वाले राहगीरों तथा सुबह के समय स्कूल जाने वाले छोटे बच्चों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मौसम की इस बेरुखी ने शहरी और ग्रामीण दोनों ही क्षेत्रों की रफ्तार को थाम दिया है और हर कोई इस अप्रत्याशित ठंड से बचने के उपाय तलाशता नजर आ रहा है।
विभिन्न क्षेत्रों में तापमान और बारिश की स्थिति
भागलपुर से लेकर भोजपुर तक के इलाकों में मौसम लगातार बिगड़ता जा रहा है और लोगों की परेशानियां बढ़ती जा रही हैं। भागलपुर क्षेत्र में बीती रात से ही मौसम का मिजाज बदला हुआ है जहां सुबह के वक्त बादलों की मौजूदगी और हल्की फुहारों ने ठंडक बढ़ा दी है। नवादा जिले में भी रात के समय से ही हल्की बरसात का सिलसिला बदस्तूर जारी है जिससे वहां ठंडी हवाओं ने धूप को पूरी तरह रोक लिया है। मुजफ्फरपुर की बात करें तो वहां बुधवार की शाम से ही मौसम में बड़ा परिवर्तन दर्ज किया गया है जहां तापमान लुढ़कने से सिहरन पैदा हो गई है। सासाराम इलाके में भी पूरी रात रिमझिम पानी गिरने की सूचना है और वहां तापमान गिरकर बाईस डिग्री से नीचे चला गया है। गोपालगंज तथा पूर्वी चंपारण में भी बारिश के साथ-साथ ठंड का प्रकोप स्पष्ट रूप से अनुभव किया जा रहा है। भोजपुर में सुबह के समय पानी बरसने से सामान्य गतिविधियां पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गईं हैं और सड़कों पर आवाजाही कम हो गई है। इन तमाम स्थानों पर स्थानीय नागरिकों को भारी असुविधा हो रही है क्योंकि अचानक हुए इस बदलाव के लिए कोई भी मानसिक रूप से तैयार नहीं था।
कृषि संकट और मौसम विभाग की चेतावनी
खराब मौसम की इस स्थिति के बीच अन्नदाताओं यानी किसानों के माथे पर चिंता की गहरी लकीरें खिंच गई हैं। खेतों में खड़ी धान की फसल पर भारी तबाही का खतरा मंडरा रहा है क्योंकि लगातार भीगने से दानों के खराब होने की आशंका है। मौसम विज्ञान केंद्र के आधिकारिक पूर्वानुमान के अनुसार राज्य के तमाम इलाकों में अट्ठाइस अक्टूबर से लेकर एक नवंबर तक मौसम बेहद खराब रहने की बात कही गई थी। विशेष तौर पर गोपालगंज और पूर्वी चंपारण के लिए भारी बारिश तथा आकाशीय बिजली यानी वज्रपात को लेकर गंभीर चेतावनी जारी की गई थी। इसके अलावा भोजपुर जिले में भी आगामी चौबीस घंटों के दौरान अत्यधिक बरसात और तेज हवाएं चलने की प्रबल आशंका जताई गई है। इन तमाम खतरों को भांपते हुए प्रशासनिक अमले और मौसम विभाग ने आम जनता से पूरी तरह सतर्कता बरतने की अपील की है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे जरूरत पड़ने पर ही अपने घरों से बाहर निकलें और सुरक्षित स्थानों पर शरण लें ताकि किसी भी संभावित अनहोनी से बचा जा सके।