Lucknow Desk : पूर्व मुख्यमंत्री और राजस्थान के पूर्व राज्यपाल कल्याण सिंह की पांचवीं पुण्यतिथि पर लखनऊ में ‘हिंदू गौरव दिवस’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी इकाना क्रिकेट स्टेडियम में हुए कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कल्याण सिंह को श्रद्धांजलि दी और उनके जीवन को देश, समाज और सनातन मूल्यों के लिए समर्पित बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कल्याण सिंह अपने सिद्धांतों और विचारों से कभी समझौता नहीं करते थे। राम जन्मभूमि आंदोलन का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि बाबूजी कहा करते थे कि “कल्याण सिंह टूट सकता है, लेकिन झुक नहीं सकता। ” मुख्यमंत्री के मुताबिक, उन्होंने अपने जीवन में इस बात को सच साबित किया। राम मंदिर आंदोलन के दौरान सत्ता जाने का खतरा होने के बावजूद उन्होंने अपने विचारों से पीछे हटने से इनकार किया।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा के नेता समय के साथ अपने राजनीतिक रुख और बयानों को बदलते रहते हैं। पीडीए के मुद्दे पर तंज कसते हुए योगी ने कहा कि पहले ‘पी’ का मतलब पिछड़ा बताया गया और अब पंडित बताया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जनता इन बदलते बयानों पर भरोसा नहीं कर सकती। योगी आदित्यनाथ ने कल्याण सिंह की पुण्यतिथि पर सपा नेतृत्व के रवैये को लेकर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि बसपा प्रमुख मायावती ने बाबूजी को श्रद्धांजलि दी, लेकिन सपा प्रमुख की ओर से श्रद्धांजलि के दो शब्द भी नहीं आए। मुख्यमंत्री ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि कल्याण सिंह का जीवन हिंदू गौरव और भारतीय मूल्यों से जुड़ा रहा है।
सीएम ने सपा पर महापुरुषों के नाम हटाने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि कन्नौज में डॉ. भीमराव आंबेडकर के नाम से बने मेडिकल कॉलेज और मैनपुरी में लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर के नाम से जुड़े संस्थानों के नाम बदले गए, जबकि भाजपा सरकार ने इन महापुरुषों के सम्मान को फिर स्थापित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कल्याण सिंह का जीवन युवाओं और देश के लिए प्रेरणा है। किसान परिवार से निकलकर शिक्षक, विधायक, मंत्री, मुख्यमंत्री, सांसद और राज्यपाल तक पहुंचे बाबूजी ने अपने जीवन में सादगी और सिद्धांतों को हमेशा प्राथमिकता दी। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक समेत प्रदेश सरकार के कई मंत्री, सांसद, विधायक और कल्याण सिंह के परिवार के सदस्य मौजूद रहे।