Lucknow Desk : भारत और जापान के रिश्ते केवल आर्थिक साझेदारी तक सीमित नहीं हैं। दोनों देशों के संबंध लंबे समय से सांस्कृतिक और आध्यात्मिक जुड़ाव पर आधारित रहे हैं। भगवान बुद्ध की करुणा, जीवन में अनुशासन और मध्य मार्ग जैसे विचार भारत और जापान के साझा मूल्यों को दर्शाते हैं। यही मजबूत विश्वास आज दोनों देशों के बीच सहयोग को नई दिशा दे रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत और जापान की साझेदारी साझा विकास, साझा तकनीक और साझा समृद्धि की साझेदारी है।
दोनों देशों के बीच बढ़ता सहयोग उद्योग, तकनीक, निवेश और रोजगार के क्षेत्र में नए अवसर पैदा कर सकता है। उत्तर प्रदेश इस साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में केंद्र सरकार ने स्पष्ट नीतियों, मजबूत इच्छाशक्ति और निरंतर सुधारों के माध्यम से देश के विकास को नई गति दी है। इसका सकारात्मक असर उत्तर प्रदेश पर भी दिखाई दे रहा है।
आज प्रदेश देश की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होने की दिशा में आगे बढ़ रहा है और भारत के विकास में एक महत्वपूर्ण ग्रोथ इंजन की भूमिका निभा रहा है। उत्तर प्रदेश में बेहतर कानून-व्यवस्था, मजबूत आधारभूत ढांचा, निवेश के अनुकूल माहौल और नई औद्योगिक नीतियों के कारण देश-विदेश की कंपनियों का भरोसा बढ़ा है। जापान के साथ बढ़ता सहयोग प्रदेश में नई तकनीक, आधुनिक उद्योग और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा दे सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश आने वाले समय में भारत-जापान साझेदारी का एक मजबूत केंद्र बनने की क्षमता रखता है। निवेश और तकनीक के साथ यह साझेदारी प्रदेश के युवाओं के लिए नए अवसर पैदा करेगी और विकास को और तेज करेगी।