Lucknow Desk : उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव समय पर कराने की मांग को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट में चल रही सुनवाई शुक्रवार को आगे नहीं बढ़ सकी। राज्य सरकार की ओर से एडिशनल एडवोकेट जनरल के अदालत में उपस्थित नहीं होने के कारण मामले की सुनवाई टाल दी गई। अब इस मामले पर अगली सुनवाई सोमवार को दोपहर 2 बजे होगी। पंचायत चुनाव में हो रही देरी को लेकर अधिवक्ता इम्तियाज हुसैन और अन्य की ओर से हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई है। याचिका में मांग की गई है कि उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव तय समय के अनुसार कराए जाएं और चुनाव प्रक्रिया में अनावश्यक देरी न हो। शुक्रवार को मामले की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अपना पक्ष नहीं रखा जा सका। एडिशनल एडवोकेट जनरल के उपस्थित नहीं होने की वजह से अदालत ने सुनवाई को सोमवार तक के लिए टाल दिया। अब सभी की नजर सोमवार को होने वाली सुनवाई पर है। इस मामले में चुनाव आयोग पहले ही अपना जवाब हाईकोर्ट में दाखिल कर चुका है। ऐसे में सोमवार की सुनवाई में राज्य सरकार की ओर से अपना पक्ष रखे जाने की पूरी उम्मीद है। सरकार की दलील सामने आने के बाद अदालत इस मामले में आगे की कार्यवाही को लेकर दिशा तय कर सकती है। पंचायत चुनाव को लेकर उत्तर प्रदेश में लंबे समय से तैयारियों और चुनाव कार्यक्रम को लेकर चर्चा चल रही है। चुनाव में देरी का मुद्दा अब अदालत तक पहुंच चुका है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि चुनाव समय पर कराया जाना जरूरी है, ताकि पंचायतों की लोकतांत्रिक व्यवस्था सुचारु रूप से चलती रहे। फिलहाल शुक्रवार की सुनवाई टलने के बाद मामले में कोई अंतिम आदेश नहीं आया है। सोमवार को दोपहर 2 बजे होने वाली सुनवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इस दौरान राज्य सरकार अपना पक्ष रख सकती है और अदालत चुनाव को लेकर याचिकाकर्ताओं की मांग तथा चुनाव आयोग के जवाब पर भी विचार कर सकती है। अब यह देखना अहम होगा कि सोमवार को हाईकोर्ट इस मामले में क्या रुख अपनाता है और पंचायत चुनाव को लेकर सरकार तथा चुनाव आयोग की तैयारियों पर अदालत की क्या टिप्पणी सामने आती है।
रिपोर्ट - पलक त्रिवेदी