Lucknow Desk : रायबरेली की जनसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिले में हुए विकास कार्यों को लेकर पिछली सरकारों पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि रायबरेली को लंबे समय तक वीआईपी जनपद और वीआईपी संसदीय क्षेत्र कहा जाता रहा, लेकिन वीआईपी पहचान के बावजूद यहां आम लोगों को बदहाली, अराजकता और अभाव का सामना करना पड़ता था। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले गरीबों तक सरकार की योजनाओं का पूरा लाभ नहीं पहुंच पाता था। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के उस बयान का भी जिक्र किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि सरकार की ओर से भेजे गए एक रुपये में से केवल 15 पैसे ही नीचे तक पहुंचते हैं। सीएम योगी ने आरोप लगाया कि बाकी राशि भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाती थी और इसके लिए उन्होंने कांग्रेस तथा समाजवादी पार्टी की पिछली सरकारों को जिम्मेदार ठहराया। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज स्थिति काफी बदली है।
सरकार की योजनाओं का लाभ सीधे जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है। गरीबों को आवास, शौचालय, राशन, बिजली, स्वास्थ्य और अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि विकास का फायदा अब केवल कुछ लोगों तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने रायबरेली में बने और बन रहे सड़क मार्गों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जिले में सड़कों का नेटवर्क लगातार बेहतर हुआ है और इससे लोगों की आवाजाही आसान हुई है।
बेहतर सड़कें रोजगार, व्यापार और शिक्षा के अवसरों को भी बढ़ाने में मदद करती हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रदेश के हर जिले को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है। रायबरेली भी इसी दिशा में आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि आज जिले में विकास योजनाओं की गति तेज हुई है और लोगों को पहले की तुलना में बेहतर सुविधाएं मिल रही हैं। जनसभा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास और पारदर्शी व्यवस्था के जरिए रायबरेली की पुरानी पहचान को बदलने का काम किया जा रहा है। उनके अनुसार, अब रायबरेली सिर्फ वीआईपी नाम के लिए नहीं, बल्कि वास्तविक विकास और बेहतर सुविधाओं के लिए भी पहचाना जा रहा है।