कंटाप
NEWS
शुक्रवार, 28 अगस्त 2026
Follow Us
ब्रेकिंग
नेपाल पुलिस का अलर्ट - तिब्बत की तरफ़ बना डैम टूटा, लोगों से सुरक्षित जगह पर जाने को कहा      Raksha Bandhan 2026 Shubh Muhurat LIVE: खत्म हुआ राहुकाल! फिर शुरू हुआ राखी का शुभ मुहूर्त, जानिए कब तक बां      धोखाधड़ी, उत्पीड़न और फिर मर्डर; दिल्ली की मॉडल हत्या मामले में 'जहरीले रिश्ते' का खुलासा      ज़ोहरान ममदानी को लेकर प्रवासी भारतीयों में बहस, आरएसएस ने जारी किया ये बयान      आज लोकसभा चुनाव हुए तो BJP को मिलेंगी कितनी सीटें, इंडिया गठबंधन में शामिल दलों का कैसा हाल, C-वोटर का आया सर्वे      पाकिस्तान ने फंसाया एक और ‘मुर्गा’, सऊदी अरब-तुर्की के बाद इस देश के साथ मिलिट्री डील, बदले में क्या मिलेगा...      रिजिजू ने दिए संसद का विशेष सत्र बुलाने के संकेत, परिसीमन बिल पर टिकीं निगाहें; विपक्ष में हलचल      दिल्ली आ गई 'कांदा एक्सप्रेस', 60-70 रुपये वाला प्याज अब 35 रुपये किलो, जानिए कहां मिलेगा?     
SENSEX लोड हो रहा... | NIFTY लोड हो रहा... | GOLD (10g) ₹ | SILVER (10g) ₹ | USD/INR ₹ | CRUDE OIL $ | Uttar Pradesh — लोड हो रहा है | --:--:-- | लाइव अपडेट
@NewsKantap:
राजनीति

संतों की बैठक: बार-बार होने वाले चुनावों को शिवराज सिंह ने बताया विकास कार्यों में बड़ी बाधा

हरिद्वार में आयोजित एक विशेष संतों की बैठक के दौरान देश में बार-बार होने वाले चुनावों को लेकर गंभीर चर्चा की गई, जिसमें शिवराज सिंह ने इसे विकास की रफ्तार में रुकावट बताया।

A
Ankit Yadav
25 अग 2026, 17:05
संतों की बैठक: बार-बार होने वाले चुनावों को शिवराज सिंह ने बताया विकास कार्यों में बड़ी बाधा
उत्तराखंड के पवित्र शहर हरिद्वार में हाल ही में आध्यात्मिक गुरुओं और संतों की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। इस उच्च स्तरीय समागम का मुख्य केंद्र बिंदु देश की चुनावी व्यवस्था और उससे जुड़े विभिन्न पहलू रहे। बैठक में शामिल गणमान्य लोगों ने इस बात पर गहन मंथन किया कि किस प्रकार लगातार चुनाव होने से शासन-प्रशासन की प्राथमिकताएं प्रभावित होती हैं और राष्ट्र निर्माण के कार्य पीछे छूट जाते हैं। संतों के इस आयोजन में विभिन्न सामाजिक और राष्ट्रीय मुद्दों के साथ-साथ लोकतांत्रिक प्रणाली की वर्तमान स्थिति पर भी व्यापक विचार-विमर्श किया गया।

चुनावी चक्र और विकास पर असर

देश में बार-बार होने वाले चुनावों के विषय पर अपनी बात रखते हुए वरिष्ठ नेता शिवराज सिंह चौहान ने इस प्रक्रिया को लेकर चिंता व्यक्त की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वर्षभर किसी न किसी क्षेत्र में चुनाव होते रहने से देश के समग्र विकास में बड़ी बाधा उत्पन्न होती है। जब हर कुछ महीनों बाद आचार संहिता और चुनावी सरगर्मी शुरू हो जाती है, तो सरकारी मशीनरी का पूरा ध्यान नीतिगत सुधारों और दीर्घकालिक विकास परियोजनाओं के बजाय केवल राजनीतिक गतिविधियों और मतदान की तैयारियों पर केंद्रित हो जाता है। इस निरंतर चलने वाले चुनावी चक्र के कारण जनता के कल्याण से जुड़ी कई महत्वपूर्ण योजनाएं या तो ठप पड़ जाती हैं या उनकी गति अत्यंत धीमी हो जाती है। संत समाज और राजनीतिक प्रतिनिधियों के बीच हुई इस बैठक में इस बात पर भी जोर दिया गया कि देश को मजबूत और तेज गति से आगे बढ़ाने के लिए एक स्थिर व्यवस्था की आवश्यकता है। बार-बार चुनाव होने से न केवल सरकारी खजाने पर भारी वित्तीय बोझ पड़ता है, बल्कि प्रशासनिक अधिकारियों और सुरक्षा बलों का कीमती समय भी बार-बार चुनाव ड्यूटी में व्यतीत होता है। इस स्थिति के चलते आम नागरिकों के बुनियादी विकास कार्य प्रभावित होते हैं, जिससे देश की आर्थिक प्रगति को भी नुकसान पहुंचता है। संतों और नेताओं के बीच इस मंच से यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि देशहित में चुनावी सुधारों पर गंभीरता से विचार किया जाना बेहद जरूरी हो गया है। बैठक के दौरान उपस्थित अन्य संतों ने भी इस विचार का समर्थन किया और कहा कि देश में राजनीतिक स्थिरता होना अत्यंत आवश्यक है ताकि जनकल्याणकारी नीतियों को बिना किसी रुकावट के धरातल पर उतारा जा सके। लगातार चुनाव होने से राजनीतिक दलों का ध्यान भी जनता की सेवा की बजाय सिर्फ चुनावी जीत-हार पर केंद्रित रहता है। इस तरह के आयोजनों से देश भर में यह संदेश गया है कि भविष्य में एक देश, एक चुनाव जैसी अवधारणाओं पर विचार करना क्यों प्रासंगिक है। इस उच्च स्तरीय बैठक के समापन पर सभी ने एक स्वर में इस बात पर सहमति जताई कि राष्ट्र की प्रगति सर्वोपरि है और इसके लिए प्रशासनिक सुधारों की दिशा में ठोस कदम उठाए जाने चाहिए। इस प्रकार की चर्चाओं से आने वाले समय में देश की राजनीतिक और प्रशासनिक व्यवस्था में बड़े बदलाव लाने की बहस को और अधिक बल मिलने की पूरी संभावना है।
कंटाप
NEWS
होम 🇮🇳 देश 🗺️ राज्य 🌍 विदेश 🏛️ राजनीति 💼 व्यापार 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 💻 टेक्नोलॉजी 🏥 स्वास्थ्य 📚 शिक्षा 🕉️ धर्म वीडियो राशिफल खोज