Lucknow Desk : सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के कार्यालय पर समाजवादी पार्टी के एक कार्यकर्ता द्वारा हमला करने का आरोप लगाया गया है। पार्टी की ओर से दावा किया गया है कि कार्यालय में मौजूद प्रभारी धर्म प्रकाश के साथ गाली-गलौज और हाथापाई की गई। आरोप यह भी है कि हमलावर ने पिस्तौल दिखाकर उन्हें धमकी दी। घटना के बाद सुभासपा अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी और उसके प्रमुख अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। सुभासपा की ओर से लगाए गए आरोपों के मुताबिक, पार्टी कार्यालय में कामकाज चल रहा था। इसी दौरान एक व्यक्ति वहां पहुंचा और कार्यालय प्रभारी धर्म प्रकाश के साथ विवाद करने लगा। देखते ही देखते मामला गाली-गलौज और हाथापाई तक पहुंच गया। पार्टी का आरोप है कि इसी दौरान पिस्तौल तानकर धमकी भी दी गई। घटना को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं में नाराजगी बताई जा रही है।
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए ओमप्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में लोकतंत्र की जगह गुंडागर्दी का माहौल बनाया जा रहा है। राजभर ने कहा कि वह इस तरह की धमकियों से डरने वाले नहीं हैं और कानून के रास्ते से ही इस मामले का जवाब दिया जाएगा। राजभर ने अपने बयान में महाराजा सुहेलदेव का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वह महाराजा सुहेलदेव के वंशज हैं और किसी भी तरह की दबंगई या धमकी से पीछे हटने वाले नहीं हैं। उन्होंने विरोधियों को चुनौती देते हुए कहा कि वह ऐसे लोगों से डरने वाले नहीं हैं। सुभासपा प्रमुख ने अखिलेश यादव से सीधे सवाल भी किया। उन्होंने पूछा कि उनके कार्यकर्ताओं की ओर से की जा रही इस तरह की कार्रवाई क्या उनके कहने पर हो रही है या फिर पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं के इशारे पर?
राजभर ने कहा कि इस पूरे मामले में सच्चाई सामने आनी चाहिए और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि जिस व्यक्ति पर हमला और धमकी देने के आरोप लगे हैं, उसका हिसाब कानून करेगा। राजभर ने भरोसा जताया कि जांच के बाद पूरी स्थिति स्पष्ट हो जाएगी और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल इस मामले में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और पुलिस की ओर से विस्तृत कार्रवाई की जानकारी सामने आना बाकी है। ऐसे में घटना के सभी पहलुओं की जांच के बाद ही तस्वीर पूरी तरह साफ हो सकेगी। सुभासपा ने मामले को गंभीर बताते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं आपको बता दें कि राजनीतिक रूप से अगर इस घटना को देखा जाए। तो सुभासपा और समाजवादी पार्टी के बीच पहले से चल रही बयानबाजी को और तेज कर दिया है। अब आखिरी में सबकी निगाहें इस बात पर है कि पुलिस जांच में क्या सामने आता है और समाजवादी पार्टी की ओर से इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया दी जाती है।