वंदे मातरम्’ को लेकर भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) ने 1937 के ऐतिहासिक प्रस्ताव का हवाला देते हुए पार्टी के कार्यक्रमों में राष्ट्रगीत के शुरुआती दो पदों को ही गाने की अपनी पुरानी परंपरा जारी रखने का फैसला किया है। कांग्रेस का कहना है कि यह निर्णय उस समय महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू, सरदार वल्लभभाई पटेल और अन्य वरिष्ठ नेताओं की सहमति तथा रवींद्रनाथ टैगोर की सलाह के आधार पर लिया गया था। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ उनके लिए राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि भावनात्मक विषय है और पार्टी करीब 90 वर्ष पुराने निर्णय का पालन कर रही है।
कांग्रेस के इस रुख पर भाजपा ने तीखा पलटवार किया है। गृह मंत्री अमित शाह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस द्वारा ‘वंदे मातरम्’ को केवल दो पदों तक सीमित रखने का फैसला राष्ट्रविरोधी सोच और तुष्टीकरण की राजनीति से जुड़ा हुआ है। भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने भी कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि राष्ट्रगीत का अपमान उन स्वतंत्रता सेनानियों का अपमान है, जिन्होंने देश की आजादी के लिए अपना जीवन समर्पित किया। भाजपा नेताओं का दावा है कि 1937 में लिया गया यह निर्णय राजनीतिक समझौते और वोट बैंक की राजनीति से प्रभावित था।
विवाद की पृष्ठभूमि में स्वतंत्रता दिवस के दौरान कांग्रेस मुख्यालय में ‘वंदे मातरम्’ के पूर्ण संस्करण के बजाए शुरुआती दो पदों को लेकर उठा विवाद भी शामिल है। भाजपा ने इस घटना को कांग्रेस की राष्ट्रगीत के प्रति असम्मान की भावना से जोड़कर सवाल उठाए हैं। दूसरी ओर कांग्रेस ने भाजपा पर राष्ट्रगीत जैसे संवेदनशील विषय को राजनीतिक मुद्दा बनाने का आरोप लगाया है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि 1937 का निर्णय किसी नए राजनीतिक फैसले का परिणाम नहीं था, बल्कि उस समय देश के विभिन्न समुदायों की भावनाओं को ध्यान में रखकर लिया गया ऐतिहासिक निर्णय था।
इस मुद्दे ने एक बार फिर ‘वंदे मातरम्’ के इतिहास, उसके राष्ट्रीय महत्व और स्वतंत्रता आंदोलन में उसकी भूमिका को राजनीतिक बहस के केंद्र में ला दिया है। भाजपा इसे राष्ट्रीय स्वाभिमान और देशभक्ति से जोड़ रही है, जबकि कांग्रेस अपने पुराने ऐतिहासिक प्रस्ताव और सर्वसमावेशी दृष्टिकोण का हवाला दे रही है। फिलहाल दोनों दलों के बीच बयानबाजी जारी है और यह विवाद संसद तथा सार्वजनिक मंचों पर भी चर्चा का विषय बना हुआ है।