अमेरिका में चुनाव प्रचार और ओबामा के हमले
अक्टूबर की चौबीस तारीख को ओहायो राज्य में जनसभा को संबोधित करते हुए अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने मौजूदा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों की तीखी आलोचना की। उन्होंने ईरान के साथ चल रहे तनाव और देश में लगातार बढ़ रही उपभोक्ता वस्तुओं की कीमतों का हवाला देते हुए मौजूदा सरकार को आड़े हाथ लिया। ओबामा ने आगामी तीन नवंबर को होने वाले मध्यावधि चुनावों को इस प्रशासन पर लगाम कसने का एक महत्वपूर्ण जरिया बताया। इन चुनावों से यह तय होना है कि अमेरिकी कांग्रेस के बाकी कार्यकाल पर किस दल का नियंत्रण रहेगा। इसके विपरीत जॉर्जिया में एक चुनावी कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने अपनी सरकार की आव्रजन नीतियों और विभिन्न आयातों पर लगाए गए शुल्कों की जमकर तारीफ की। ट्रंप ने दावा किया कि वर्तमान में अमेरिका अपने स्वर्ण युग के दौर से गुजर रहा है। इस पूरी चुनावी प्रक्रिया के तहत प्रारंभिक मतदान की प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है। ट्रंप और उनकी पत्नी ने चौबीस अक्टूबर को फ्लोरिडा राज्य में पहुंचकर अपना वोट डाला था। ओबामा लगातार यह आरोप लगा रहे हैं कि वर्तमान आर्थिक नीतियों की वजह से जीवन यापन काफी महंगा हो गया है। इसके जवाब में ट्रंप ने स्वीकार किया कि तेल के दाम कुछ समय के लिए ऊंचे बने हुए हैं, लेकिन उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि ईंधन के ये दाम बहुत जल्द नीचे आ जाएंगे। अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने भाषण में ईरानी नेतृत्व और उसकी सैन्य ताकत को लेकर भी कई दावे किए और पूर्व के फैसलों का बचाव किया।
फ्रांस में प्रदर्शन और सुरक्षा बलों की तैनाती
फ्रांस के गृह मंत्रालय की ओर से दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार देश भर में चौबीस अक्टूबर को आयोजित किए गए व्यापक प्रदर्शनों के दौरान लगभग एक हजार नागरिकों को गिरफ्तार किया गया। पिछले सप्ताह की तुलना में यह आंकड़ा काफी अधिक है, हालांकि अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि इनमें से अधिकांश प्रदर्शन शांतिपूर्ण दायरे में ही रहे। मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक इस विरोध प्रदर्शन में लगभग चार लाख दस हजार लोग सड़कों पर उतरे थे, जबकि ट्रेड यूनियनों का दावा था कि इस आंदोलन में आठ लाख लोग शामिल हुए थे। नागरिकों की सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए फ्रांस सरकार ने कुल सत्तर हजार पुलिसकर्मियों और जेंडरमेस यानी विशेष सुरक्षा बलों को मैदान में उतारा था। सत्रह अक्टूबर की तुलना में यह संख्या दस हजार अधिक थी। गृह मंत्रालय के मंत्री लॉरेंट नुनेज़ ने मीडिया के सामने पुष्टि की कि पिछले शनिवार की तरह इस बार किसी भी नगर पालिका भवन या पुलिस स्टेशन को निशाना बनाकर कोई बड़ा हमला नहीं किया गया। हालांकि कुछ उपद्रवी तत्व अब भी सुरक्षाकर्मियों पर तरह-तरह की वस्तुएं फेंकने से बाज नहीं आ रहे थे। मंत्री नुनेज़ ने विशेष रूप से चेतावनी देते हुए बताया कि काले रंग के कपड़े पहनने वाले कुछ कट्टरपंथी वामपंथी समूहों ने सोची-समझी साजिश के तहत पुलिस बलों पर हमले करने और दुकानों में लूटपाट मचाने की नीयत से संगठित होकर यह कदम उठाया है।
एलोन मस्क के बयान और यूक्रेनी मोर्चा
अरबपति कारोबारी एलोन मस्क ने चौबीस अक्टूबर को एक अहम घोषणा करते हुए बताया कि उनकी अंतरिक्ष कंपनी स्पेसएक्स ने उस तकनीकी खामी को पूरी तरह से दूर कर दिया है। इस तकनीकी समस्या के कारण यूक्रेनी सेना रूसी क्षेत्र के भीतर ड्रोन हमलों को अंजाम देने के लिए स्टारलिंक उपग्रह इंटरनेट सेवा का उपयोग करने में असमर्थ साबित हो रही थी। मस्क ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि स्टारलिंक मूल रूप से एक नागरिक और व्यावसायिक सेवा है। यूक्रेन द्वारा इस तकनीक का इस्तेमाल नागरिकों को नुकसान पहुंचाने वाले सैन्य अभियानों में किया जाना इसके निर्धारित नियमों का सीधा उल्लंघन है। हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि यदि इस उपग्रह सेवा को अचानक बंद कर दिया जाए, तो यूक्रेन की अग्रिम पंक्ति की रक्षा व्यवस्था तुरंत ढह जाएगी। खबरों के हवाले से सामने आया कि मस्क ने स्टारलिंक नेटवर्क को अमेरिकी सरकार के नियंत्रण वाले स्टारशील्ड सिस्टम से बिल्कुल अलग बताया है। उन्होंने साफ कहा कि उन्हें स्टारशील्ड के कामकाज में दखलंदाजी करने का कोई कानूनी अधिकार नहीं है। इसके अलावा दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति माने जाने वाले मस्क ने यूक्रेन के भीतर फैले भ्रष्टाचार पर भी खुलकर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी करदाताओं से वसूले गए धन का एक हिस्सा कुछ विशेष चैनलों के माध्यम से चुनिंदा अमेरिकी राजनेताओं के राजनीतिक अभियानों को वित्तपोषित करने के लिए गलत तरीके से इस्तेमाल किया जा रहा है।