कर्मचारियों और परिवारों के लिए देश छोड़ने का कड़ा निर्देश
सऊदी अरब की धरती पर मंडराते सुरक्षा खतरों के मद्देनजर अमेरिकी प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। रियाद स्थित अमेरिकी दूतावास द्वारा 25 अक्टूबर 2026 को एक आधिकारिक सेफ्टी अलर्ट जारी किया गया। इसके तहत अमेरिका ने अपने सभी गैर-आपातकालीन सरकारी कर्मियों और उनके परिजनों को तत्काल वह देश छोड़ने का फरमान सुनाया है। यह अमेरिकी विदेश विभाग का विशेष निर्देश बीते 23 अक्टूबर से ही क्रियान्वित हो चुका है। दूतावास ने वहां रह रहे अपने सभी नागरिकों को आगाह किया है कि वे हमलों, उड़ान सेवाओं के बाधित होने तथा हवाई क्षेत्र बंद होने जैसी गंभीर स्थितियों से सतर्क रहें। दूतावास का मानना है कि इस क्षेत्र में तनाव और संघर्ष का दायरा बढ़ सकता है तथा इसका प्रभाव मौजूदा प्रभावित सीमाओं के पार भी पहुंच सकता है। अमेरिकी नागरिकों को पूरी तरह एहतियात बरतने और अपनी उड़ानों की स्थिति सीधे एयरलाइंस से सुनिश्चित करने की सलाह दी गई है ताकि किसी भी अनचाहे जोखिम से बचा जा सके।
हवाई अड्डों पर पाबंदियां और उड़ानों की वर्तमान स्थिति
हालिया मिसाइल और ड्रोन हमलों के बाद अमेरिकी कर्मचारियों के आवागमन पर विशेष नियम थोप दिए गए हैं। अब सऊदी अरब में सेवारत किसी भी अमेरिकी सरकारी कर्मचारी को वहां के किसी भी एयरपोर्ट का उपयोग करने से पहले चीफ ऑफ मिशन से विशेष अनुमति हासिल करनी होगी। अमेरिकी दूतावास ने स्पष्ट किया है कि हवाई अड्डों पर आगे भी हमले हो सकते हैं जिससे उड़ानों का संचालन अचानक प्रभावित हो सकता है। दूसरी तरफ रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे ने 25 अक्टूबर से आंशिक तौर पर कामकाज बहाल करने की बात कही है। इस हवाई ठिकाने से फिलहाल कुछ घरेलू उड़ानों के साथ चुनिंदा अंतरराष्ट्रीय विमानों की आवाजाही शुरू की गई है। रियाद से सामान्य तौर पर चलने वाली कुछ सीमित उड़ानों को कासिम स्थित प्रिंस नाइफ बिन अब्दुलअजीज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से संचालित किया जा रहा है। इसके अलावा जेद्दा के किंग अब्दुलअजीज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और दम्माम के किंग फहद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर विमानों का आना-जाना जारी है, हालांकि इन दोनों प्रमुख स्थलों पर भी कुछ उड़ानें विलंब का शिकार हो रही हैं और कई को रद्द भी करना पड़ा है।
हूती विद्रोहियों की सैन्य कार्रवाई और पृष्ठभूमि का विवरण
इस पूरे घटनाक्रम की पृष्ठभूमि में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों द्वारा की गई सैन्य कार्रवाइयां मुख्य वजह हैं। अमेरिकी दूतावास के अनुसार इन विद्रोही समूहों ने सऊदी अरब के विरुद्ध कई आक्रामक कदम उठाए हैं। इन हमलों की जद में नागरिक हवाई अड्डे तथा देश के अन्य बेहद अहम बुनियादी ढांचे भी शामिल रहे हैं। इन सैन्य हमलों की वजह से कई आम नागरिकों की जानें गई हैं और संपूर्ण हवाई यातायात बुरी तरह चरमरा गया है। सुरक्षा की इन्ही चिंताओं के बीच अमेरिका ने अपने अमले को सुरक्षित बाहर निकालने की यह प्रक्रिया शुरू की है। दूतावास ने अपने सभी नागरिकों को चेतावनी दी है कि वे एयरपोर्ट का रुख करते वक्त बेहद चौकन्ने रहें क्योंकि स्थिति किसी भी पल बदल सकती है। उड़ानों के रद्द होने और हवाई क्षेत्र के बंद होने की आशंकाएं अभी भी पूरी तरह टली नहीं हैं। अमेरिकी नागरिकों के लिए यह जरूरी कर दिया गया है कि वे यात्रा करने से पहले संबंधित विमानन कंपनियों से अपनी उड़ान के संबंध में पूरी जानकारी जरूर प्राप्त कर लें।