राजधानी और सैन्य ठिकानों पर हमला
हूती विद्रोहियों ने रविवार के दिन सऊदी अरब की राजधानी रियाद के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को अपनी मिसाइलों का निशाना बनाया है। इस बड़े हमले के दौरान किंग खालिद वायुसेना अड्डे को भी चपेट में लिया गया है। इसके अलावा जिजान स्थित नौसैनिक अड्डे पर भी बैलिस्टिक मिसाइलों से हमले किए जाने की बात कही गई है। इन सभी हमलों को अंजाम देने के पीछे हूती विद्रोहियों का हाथ होने का दावा सामने आया है। इस घटनाक्रम से सऊदी अरब के सामरिक ठिकानों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं एक बार फिर से बढ़ गई हैं। रविवार को हुए इन हमलों ने क्षेत्रीय सुरक्षा के हालात को और अधिक गंभीर बना दिया है। सशस्त्र बलों की ओर से की गई इन कार्यवाहियों के कारण मध्य पूर्व में तनाव की स्थिति में और अधिक वृद्धि दर्ज की गई है। सऊदी अरब के भीतर इन महत्वपूर्ण स्थानों पर हुए हमलों के बाद से प्रशासनिक हलकों में सतर्कता बढ़ा दी गई है। इन तमाम ठिकानों पर हुए हमलों की गूंज अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सुनाई दे रही है।
हवाई अड्डा खुलने के बाद कार्रवाई
ये सभी मिसाइल हमले उस समय किए गए जब संबंधित हवाई अड्डा दोबारा खोला गया था। हवाई अड्डे के फिर से खुलने के कुछ ही घंटों के भीतर इन हमलों को अंजाम दिया गया है। हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने इस संबंध में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट साझा की है। इस अधिकारिक पोस्ट के जरिए उन्होंने जानकारी दी है कि उनके सशस्त्र बलों ने इन तमाम स्थानों पर सटीक निशाने साधे हैं। उनके अनुसार रियाद हवाई अड्डे के साथ-साथ दक्षिण-पश्चिमी सऊदी अरब के खमिस मुशैत स्थित किंग खालिद वायुसेना अड्डे पर भी हमले किए गए हैं। इसके अलावा जिजान के नौसैनिक अड्डे को भी इसी सैन्य कार्रवाई के दौरान निशाना बनाया गया है। प्रवक्ता की ओर से दी गई इन जानकारियों के बाद इस पूरे मामले की गंभीरता काफी हद तक बढ़ गई है। सोशल मीडिया पर सामने आए इस आधिकारिक बयान के आधार पर इन हमलों के समय और तौर-तरीकों की पुष्टि होती है। हालांकि इन तमाम बयानों और दावों के बीच जमीनी स्तर पर स्थिति का आकलन लगातार किया जा रहा है।
दावों की पुष्टि और पृष्ठभूमि
सऊदी अरब के ठिकानों पर किए गए इन हमलों के दावों की अभी तक किसी भी स्वतंत्र स्रोत से पुष्टि नहीं हो सकी है। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों या निकायों की तरफ से कोई मुहर नहीं लगाई गई है। हूती विद्रोहियों की तरफ से सामने आए इन बयानों के बाद से क्षेत्र में कूटनीतिक और सैन्य स्तर पर हलचल तेज हो गई है। रविवार को घटी इन घटनाओं ने एक बार फिर से इस संघर्ष के पुराने इतिहास और वर्तमान तनाव को उजागर कर दिया है। सामान्य नागरिकों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें इस क्षेत्र की बदलती हुई परिस्थितियों पर पूरी तरह से टिकी हुई हैं। इस प्रकार की सैन्य कार्यवाहियों से क्षेत्र में शांति स्थापना के प्रयासों को गहरा झटका लगता है। आने वाले समय में इस बात पर निगाह रहेगी कि इन हमलों के बाद सऊदी अरब और उसके सहयोगियों की क्या प्रतिक्रिया सामने आती है। बहरहाल, वर्तमान स्थिति यह है कि इन सभी दावों के स्वतंत्र सत्यापन की प्रक्रिया अभी तक पूरी नहीं हो पाई है और अधिकारी इस पर नजर रखे हुए हैं।