छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य क्षेत्र में आज एक और महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ गया जब बिलासपुर के छत्तीसगढ़ इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंसेज (SIMS) में एक अत्याधुनिक बाल चिकित्सा गहन चिकित्सा कक्ष (PICU) का औपचारिक उद्घाटन किया गया। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री और स्थानीय विधायक की गरिमामयी उपस्थिति में इस नई यूनिट का शुभारंभ हुआ। इस आधुनिक आईसीयू के बन जाने से बिलासपुर संभाग के आसपास के ग्रामीण और शहरी इलाकों से आने वाले गंभीर रूप से बीमार नवजात शिशुओं और बच्चों को अब बड़े शहरों में रेफर करने की मजबूरी से मुक्ति मिल जाएगी। इस यूनिट में वेंटिलेटर, मल्टी-पैरा मॉनिटर, इन्क्यूबेटर और अन्य जीवन रक्षक उपकरणों से लैस बीस बिस्तर स्थापित किए गए हैं।
विशेषज्ञ डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की 24 घंटे तैनाती अस्पताल प्रबंधन ने जानकारी दी है कि इस नई पीआईसीयू यूनिट के संचालन के लिए बाल रोग विशेषज्ञों, वरिष्ठ रेजिडेंट डॉक्टरों और विशेष रूप से प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ की एक समर्पित टीम को तैनात किया गया है जो चौबीसों घंटे अपनी सेवाएं देंगे। बच्चों के इलाज के दौरान संक्रमण के खतरे को न्यूनतम रखने के लिए इस पूरे वार्ड को हेपा-फिल्टर और अत्याधुनिक वायु शुद्धिकरण प्रणालियों से लैस किया गया है। उद्घाटन समारोह के दौरान डॉक्टरों ने बताया कि संभाग में बाल मृत्यु दर को कम करने की दिशा में यह कदम बेहद मील का पत्थर साबित होगा। आम जनता ने सरकार के इस कदम की सराहना करते हुए कहा कि इससे गरीब परिवारों को महंगे निजी अस्पतालों के भारी-भरकम खर्च से बड़ी राहत मिलेगी।
स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में सरकार का बड़ा कदम राज्य सरकार छत्तीसगढ़ के सभी प्रमुख सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में चिकित्सा सेवाओं के आधुनिकीकरण के लिए लगातार निवेश कर रही है। बिलासपुर के इस अस्पताल में पिछले कुछ महीनों में ओपीडी सेवाओं का विस्तार करने के साथ-साथ पैथोलॉजी लैब को भी डिजिटल किया गया है। आज शुरू हुई इस बाल चिकित्सा आईसीयू यूनिट के साथ ही अस्पताल में एक ब्लड स्टोरेज यूनिट का भी विस्तार किया गया है ताकि आपातकालीन स्थिति में रक्त की कमी न हो। स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने अस्पताल प्रशासन को बधाई देते हुए आशा व्यक्त की है कि आने वाले समय में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में और अधिक सुधार देखने को मिलेगा।