कंटाप
NEWS
शुक्रवार, 23 अक्तूबर 2026
Follow Us
ब्रेकिंग
सऊदी अरब में बांग्लादेशी महिला कामगार कितनी सुरक्षित हैं?      तिब्बत में आए शक्तिशाली भूकंप में कम से कम 16 लोगों की मौत, सैकड़ों ज़ख़्मी      ‘भारत हम सभी के लिए उम्मीद की किरण’, पोलैंड के प्रधानमंत्री ने की PM मोदी की जमकर तारीफ      'शिमला में भुट्टो से मिली थीं इंदिरा', रूबियो से मुंबई में मिलने के विवाद पर बोले जयशंकर      'इतना अन्याय किसी परिवार के ऊपर नहीं हुआ होगा...', अखिलेश यादव ने आजम खान के लिए ऐसा क्यों कहा?      स्पीकर ओम बिरला की दो टूक, अगर CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष का प्रस्ताव...      दो चुनाव आयुक्तों की शिकायत पर कैबिनेट सचिव ने क्यों नहीं लिया एक्शन, RTI में खुलासा      टाइगर श्रॉफ की मां आयशा ने शेयर किया वीडियो, फायरिंग में टुकड़े उड़ने से बेटे का हाथ कैसा हुआ है छलनी     
SENSEX लोड हो रहा... | NIFTY लोड हो रहा... | GOLD (10g) ₹— | SILVER (10g) ₹— | USD/INR ₹— | CRUDE OIL $— | Uttar Pradesh — लोड हो रहा है | --:--:-- | लाइव अपडेट
@NewsKantap:
स्वास्थ्य

चिकित्सा जगत में नया अध्याय: एम्स दिल्ली ने दुर्लभ आनुवंशिक विकारों के इलाज के लिए अत्याधुनिक जीन थेरेपी सेंटर का किया उद्घाटन

देश के सबसे प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थान एम्स नई दिल्ली ने गंभीर और दुर्लभ बीमारियों के इलाज के लिए एक विशेष केंद्र की शुरुआत की है।

X
Kantap News डेस्क
10 अग 2026, 00:00
चिकित्सा जगत में नया अध्याय: एम्स दिल्ली ने दुर्लभ आनुवंशिक विकारों के इलाज के लिए अत्याधुनिक जीन थेरेपी सेंटर का किया उद्घाटन

भारतीय चिकित्सा अनुसंधान के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय जोड़ते हुए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) नई दिल्ली में देश के पहले समर्पित अत्याधुनिक जीन थेरेपी सेंटर का औपचारिक उद्घाटन किया गया है। यह नया केंद्र उन हजारों मरीजों के लिए एक नई उम्मीद की किरण बनकर आया है जो हीमोफिलिया, मस्कुलर डिस्ट्रॉफी और थैलेसीमिया जैसे गंभीर एवं दुर्लभ आनुवंशिक विकारों से पीड़ित हैं, जिनका इलाजこれまで पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों से बेहद खर्चीला और कठिन माना जाता था। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और एम्स के वरिष्ठ वैज्ञानिकों की उपस्थिति में इस केंद्र का लोकार्पण किया गया। संस्थान के निदेशकों ने बताया कि इस केंद्र में विश्व स्तरीय जीन संपादन तकनीक और अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं स्थापित की गई हैं, जहां भारतीय रोगियों की आनुवंशिक संरचना के अनुसार सटीक उपचार विकसित किया जाएगा।

आम नागरिकों के लिए किफायती और सुलभ इलाज जीन थेरेपी और स्टेम सेल तकनीक आधारित उपचार आमतौर पर इतने महंगे होते हैं कि आम आदमी की पहुंच से बाहर रहते हैं, लेकिन एम्स के इस नए केंद्र का मुख्य उद्देश्य इन अत्याधुनिक उपचारों को न्यूनतम लागत पर या सरकार समर्थित योजनाओं के तहत पूरी तरह मुफ्त उपलब्ध कराना है। संस्थान की शोध टीम ने देश के विभिन्न हिस्सों से ऐसे मरीजों का डेटाबेस तैयार करना शुरू कर दिया है जिन्हें इस थेरेपी से तुरंत लाभ मिल सकता है। इसके अलावा, देश के अन्य सरकारी मेडिकल कॉलेजों के डॉक्टरों और शोधकर्ताओं को भी इस उन्नत तकनीक का प्रशिक्षण देने के लिए एक विशेष शैक्षणिक कार्यक्रम शुरू किया जा रहा है, ताकि आने वाले समय में इस प्रकार के इलाज देश के अन्य महानगरों और क्षेत्रीय अस्पतालों में भी आसानी से दिए जा सकें। चिकित्सा विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम भारत को मेडिकल टूरिज्म के साथ-साथ अत्याधुनिक चिकित्सा अनुसंधान का भी एक बड़ा वैश्विक केंद्र बना देगा।

वैश्विक सहयोग और भविष्य की अनुसंधान योजनाएं इस जीन थेरेपी सेंटर की स्थापना में दुनिया के कई शीर्ष अनुसंधान संस्थानों और जैव-प्रौद्योगिकी कंपनियों का तकनीकी सहयोग लिया गया है। एम्स के वैज्ञानिकों ने घोषणा की है कि वे जल्द ही दुर्लभ बीमारियों के स्वदेशी वायरल वैक्टर और थेराप्यूटिक मॉलिक्यूल्स विकसित करने के लिए कई अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय फार्मास्युटिकल स्टार्टअप्स के साथ संयुक्त अनुसंधान समझौते करेंगे। इस पहल से न केवल देश में आयातित महंगी दवाओं पर निर्भरता कम होगी, बल्कि 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान को भी चिकित्सा अनुसंधान के क्षेत्र में एक बहुत बड़ा बल मिलेगा। मरीजों के परिवारों और विभिन्न रोगी सहायता समूहों ने सरकार और एम्स प्रशासन के इस संवेदनशील और दूरदर्शी निर्णय की जमकर सराहना की है।

कंटाप
NEWS
होम 🇮🇳 देश 🗺️ राज्य 🌍 विदेश 🏛️ राजनीति 💼 व्यापार 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 💻 टेक्नोलॉजी 🏥 स्वास्थ्य 📚 शिक्षा 🕉️ धर्म वीडियो राशिफल खोज