इंदौर, जो स्वच्छता के मामले में देश भर में एक मिसाल है, अब पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ा कदम उठा रहा है। आज स्थानीय प्रशासन और कई स्वयंसेवी संस्थाओं ने मिलकर 'ग्रीन मिशन' की शुरुआत की है, जिसके तहत शहर भर में अगले एक महीने के भीतर लाखों पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इंदौर न केवल साफ-सफाई में, बल्कि हरियाली में भी नंबर वन बनना चाहिए। शहर के विभिन्न पार्कों, सड़कों के किनारे और खाली पड़ी सरकारी जमीनों पर स्थानीय प्रजातियों के पौधे रोपे जाएंगे। इस कार्यक्रम में स्कूल, कॉलेज और सामाजिक संगठनों के हजारों स्वयंसेवकों ने हिस्सा लिया है।
जन भागीदारी का महत्व इस मिशन की सबसे बड़ी विशेषता 'जन भागीदारी' है। हर नागरिक को एक पौधा गोद लेने और उसकी देखभाल करने की जिम्मेदारी दी गई है। नगर निगम ने 'मेरा पेड़, मेरी जिम्मेदारी' नामक एक मोबाइल ऐप भी लॉन्च किया है, जहां लोग अपने द्वारा लगाए गए पौधे की फोटो अपलोड कर सकते हैं और उसकी प्रगति को ट्रैक कर सकते हैं। शहर के पर्यावरणविदों का मानना है कि यह पहल न केवल तापमान को नियंत्रित करने में मदद करेगी बल्कि शहर की वायु गुणवत्ता में भी सुधार लाएगी। प्रशासन ने इसके लिए खाद और पानी की व्यवस्था करने के लिए विशेष प्रबंध किए हैं। यह पहल दिखाती है कि शहर के लोग अपने पर्यावरण के प्रति कितने जागरूक हैं।
आने वाले दिनों में 'ग्रीन मिशन' को और अधिक विस्तार दिया जाएगा। औद्योगिक क्षेत्रों में भी अधिक से अधिक पेड़ लगाने के लिए कंपनियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। शहर के बाहरी हिस्सों में 'मिनी फॉरेस्ट' विकसित करने की योजना भी पाइपलाइन में है। इस दौरान उन क्षेत्रों को विशेष रूप से चुना जाएगा जहां कंक्रीट के कारण हरियाली कम है। पर्यावरण विभाग के अनुसार, यदि यह मिशन सफल रहता है, तो इसे राज्य के अन्य शहरों में भी मॉडल के रूप में लागू किया जाएगा। आज के इस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण शहर के युवाओं की भारी भागीदारी रही, जो आने वाले भविष्य के लिए एक सुखद संकेत है। प्रशासन ने सभी नागरिकों से आह्वान किया है कि वे इस अभियान को अपना समझकर इसमें अपना सहयोग प्रदान करें ताकि आने वाली पीढ़ी के लिए एक स्वच्छ और सुंदर इंदौर छोड़ा जा सके।