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स्वास्थ्य चिंताएं: भारत में 28.6% लोग मोटापे से ग्रसित, 11.4% मधुमेह के शिकार

भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) की हालिया रेटिंग और आंकड़ों से देश में बढ़ती स्वास्थ्य समस्याओं पर गंभीर चिंता सामने आई है, जहां एक बड़ा हिस्सा गंभीर जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों की चपेट में है।

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Kantap News डेस्क
15 अग 2026, 16:01
स्वास्थ्य चिंताएं: भारत में 28.6% लोग मोटापे से ग्रसित, 11.4% मधुमेह के शिकार
भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) द्वारा जारी किए गए ताजा आंकड़ों के अनुसार, देश की एक बहुत बड़ी आबादी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना कर रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में कुल आबादी का लगभग 28.6 फीसदी हिस्सा मोटापे की समस्या से जूझ रहा है। वजन का असंतुलन और खानपान की गलत आदतें देश में तेजी से पैर पसार रही हैं, जिसके दूरगामी परिणाम स्वास्थ्य व्यवस्था पर पड़ रहे हैं। मोटापे के अलावा डायबिटीज यानी मधुमेह भी देश में एक बड़ी स्वास्थ्य चुनौती के रूप में उभर रहा है, जिससे करोड़ों लोग प्रभावित हैं।

डायबिटीज और प्री-डायबिटीज के आंकड़े

आंकड़ों के मुताबिक देश की 11.4 प्रतिशत आबादी प्रत्यक्ष रूप से मधुमेह से पीड़ित है। इसके साथ ही, लगभग 15.3 प्रतिशत लोग प्री-डायबिटीज की स्थिति से गुजर रहे हैं, जिसका मतलब है कि वे आने वाले समय में इस बीमारी की चपेट में आने के बेहद करीब हैं। चिकित्सा विशेषज्ञों का मानना है कि प्री-डायबिटीज की इतनी बड़ी संख्या इस बात का संकेत है कि यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले दिनों में मधुमेह के मामलों में भारी उछाल देखने को मिल सकता है। जीवनशैली में आ रहे बदलाव, शारीरिक गतिविधियों की कमी और खानपान में असंतुलन इन गंभीर बीमारियों के मुख्य कारणों में गिने जा रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने नागरिकों को सलाह दी है कि वे अपने दैनिक जीवन में योग, व्यायाम और संतुलित आहार को प्राथमिकता दें ताकि इन आंकड़ों को नियंत्रित किया जा सके। सरकार और संबंधित स्वास्थ्य विभाग भी इन रेटिंग्स के आधार पर लोगों को जागरूक करने के लिए विभिन्न अभियानों पर विचार कर रहे हैं ताकि समय रहते इस बढ़ते स्वास्थ्य संकट पर अंकुश लगाया जा सके।
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