केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने आज एक राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम के तहत 500 नए जन औषधि केंद्रों का उद्घाटन किया है। इन केंद्रों के माध्यम से आम जनता को सस्ती और उच्च गुणवत्ता वाली दवाइयां उपलब्ध कराई जाएंगी। सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले दो वर्षों में इन केंद्रों की संख्या को 10,000 तक पहुंचाया जाए। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इन केंद्रों पर मिलने वाली दवाइयां बाजार मूल्य से 50 से 80 प्रतिशत तक सस्ती होंगी, जिससे गरीबों का इलाज आसान हो जाएगा।
इन केंद्रों का महत्व जन औषधि केंद्रों का मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्य सुविधाओं को दूर-दराज के इलाकों तक पहुंचाना है। यहाँ न केवल दवाइयां सस्ती हैं, बल्कि सभी दवाइयां विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मानकों के अनुरूप हैं। यह पहल उन परिवारों के लिए वरदान साबित हो रही है जो महंगी निजी दवाइयों का खर्च वहन नहीं कर सकते। वर्तमान में, इन केंद्रों पर 1,500 से अधिक प्रकार की दवाइयां और चिकित्सा उपकरण उपलब्ध हैं। सरकार ने इन केंद्रों पर ऑनलाइन ऑर्डर और होम डिलीवरी की सुविधा भी शुरू की है।
भविष्य की योजनाएं आने वाले समय में, सरकार इन केंद्रों को डिजिटल हेल्थ कार्ड से जोड़ने की योजना बना रही है ताकि मरीजों का रिकॉर्ड एक ही जगह पर सुरक्षित रह सके। स्वास्थ्य मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि सभी राज्यों के साथ मिलकर यह सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी भी केंद्र पर दवाओं की कमी न हो। स्थानीय स्वयं सहायता समूहों को भी इन केंद्रों के संचालन में शामिल किया जा रहा है ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी पैदा हो सकें।