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स्वास्थ्य

स्वास्थ्य तकनीक में कमाल: वाराणसी के वैज्ञानिकों ने विकसित की सांस की जांच से डायबिटीज बताने वाली स्मार्ट डिवाइस

आईआईटी बीएचयू के बायोमेडिकल इंजीनियरों ने बिना खून निकाले केवल सांस के नमूने से चंद सेकंड में ब्लड शुगर स्तर मापने वाला पोर्टेबल सेंसर तैयार किया है।

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Kantap News डेस्क
18 अग 2026, 17:59
स्वास्थ्य तकनीक में कमाल: वाराणसी के वैज्ञानिकों ने विकसित की सांस की जांच से डायबिटीज बताने वाली स्मार्ट डिवाइस
चिकित्सा विज्ञान और बायोमेडिकल इंजीनियरिंग के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी आविष्कार करते हुए काशी हिंदू विश्वविद्यालय (आईआईटी बीएचयू) के अनुसंधानकर्ताओं ने एक ऐसा पोर्टेबल सेंसर विकसित किया है जो सुई चुभाकर खून निकाले बिना केवल सांस की गंध से डायबिटीज की सटीक जांच कर सकता है। इस उपकरण का नाम 'ग्लाइको-ब्रीथ' रखा गया है, जो मानव श्वास में मौजूद एसीटोन और अन्य कार्बनिक यौगिकों के स्तर का सटीक विश्लेषण करके मात्र तीस सेकंड में रक्त शर्करा की स्थिति की रिपोर्ट स्क्रीन पर प्रदर्शित कर देता है।

सुई रहित और दर्द-मुक्त जांच प्रक्रिया

पारंपरिक ग्लूकोमीटर के विपरीत, जिसमें हर बार उंगली में सुई चुभाकर रक्त की बूंद लेनी पड़ती है, यह नई तकनीक पूरी तरह से दर्द-मुक्त और संक्रमण-मुक्त है। मधुमेह रोगियों को बार-बार ब्लड टेस्ट कराने की झंझट से मुक्ति दिलाने के लिए इसे पॉकेट-फ्रेंडली डिजाइन में बनाया गया है, जिसे स्मार्टफोन के जरिए ब्लूटूथ से आसानी से जोड़ा जा सकता है। प्रमुख अनुसंधानकर्ता प्रोफेसर मनोज विश्वकर्मा ने बताया कि इस सेंसर में नैनोटेक आधारित गैस उत्प्रेरक का उपयोग किया गया है जो बेहद सूक्ष्म मात्रा में मौजूद एसेटोन को भी तुरंत पहचान लेता है।

नैदानिक परीक्षण और व्यावसायीकरण

अस्पताल के क्लिनिकल ट्रायल्स में इस डिवाइस ने नब्बे प्रतिशत से अधिक सटीकता दर्ज की है, जिसके बाद भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) ने इसके बड़े पैमाने पर उत्पादन को हरी झंडी दे दी है। स्वास्थ्य मंत्रालय की ग्रामीण स्वास्थ्य पहल के तहत आने वाले महीनों में इस किफायती डिवाइस को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और सामुदायिक चिकित्सा शिविरों में उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोग भी आसानी से अपनी नियमित जांच करवा सकें।
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