फील्ड ड्यूटी करने वालों के लिए आर्थिक लाभ की घोषणा
उत्तर प्रदेश की सरकार ने राज्य के अंदर विभिन्न पदों पर अपनी सेवाएं दे रहे सुरक्षा कर्मियों को त्योहार से पहले एक बड़ा तोहफा प्रदान किया है। इस ताजा प्रशासनिक निर्णय के तहत मैदानी इलाकों और चौकियों पर मुस्तैद रहकर अपनी जिम्मेदारी निभाने वाले सुरक्षा कर्मियों के वित्तीय लाभ में इजाफा किया गया है। राज्य प्रशासन द्वारा लिए गए इस महत्वपूर्ण फैसले का दायरा काफी व्यापक है जिसके अंतर्गत कई प्रमुख श्रेणियों के कर्मचारियों को शामिल किया गया है। इस घोषणा के बाद से पुलिस विभाग के भीतर खुशी का माहौल देखा जा रहा है क्योंकि इन मामलों पर शासन स्तर पर काफी समय से विचार चल रहा था और अब जाकर इस पर मुहर लगी है। सरकार की तरफ से उठाए गए इस कदम से उन सभी कर्मियों को सीधा फायदा मिलेगा जो रोजाना सड़क पर उतरकर कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए कड़ी मेहनत करते हैं। प्रशासन के इस निर्णय का मुख्य उद्देश्य मैदानी मोर्चे पर डटे रहने वाले कर्मचारियों की वित्तीय स्थिति को बेहतर बनाना है ताकि वे अधिक ऊर्जा और उत्साह के साथ अपने कर्तव्यों का पालन कर सकें। त्योहारी सीजन से ठीक पहले आई इस खुशखबरी से विभाग के सभी स्तर के कर्मियों में सकारात्मक संदेश गया है और शासन ने साफ कर दिया है कि कर्मचारियों के हितों का पूरा ध्यान रखा जा रहा है।
मोटरसाइकिल और वर्दी भत्ते की नई बढ़ी हुई दरें
सरकार के इस नए आदेश के दायरे में दरोगा, इंस्पेक्टर, सिपाही, हेड कांस्टेबल और प्रांतीय पुलिस सेवा से जुड़े अधिकारी शामिल किए गए हैं। मैदानी कार्यभार संभालने वाले उपनिरीक्षकों और निरीक्षकों को मिलने वाले दोपहिया वाहन के वित्तीय सहयोग को बढ़ाया गया है। पहले इन अधिकारियों को अपने दोपहिया वाहन के लिए सात सौ रुपये प्रति माह मिलते थे जिसे अब संशोधित कर एक हजार रुपये कर दिया गया है। इसका मतलब यह हुआ कि अब इन अधिकारियों को प्रत्येक माह तीन सौ रुपये अतिरिक्त राशि प्राप्त होगी। इसके अलावा प्रांतीय पुलिस सेवा वर्ग के अधिकारियों के पोशाक भत्ते में भी भारी संशोधन किया गया है। इस विशेष संवर्ग के अधिकारियों को पहले पोशाक के रखरखाव के लिए छह हजार चार सौ रुपये मिलते थे जिसे अब बढ़ाकर सीधे पंद्रह हजार रुपये कर दिया गया है। सुरक्षा बल के अन्य प्रमुख अंगों जैसे कि आरक्षियों और मुख्य आरक्षियों के लिए भी आर्थिक सहायता बढ़ाई गई है। मैदानी मोर्चे पर तैनात इन सिपाहियों को पहले दो हजार रुपये दिए जाते थे जिसे अब बढ़ाकर ढाई हजार रुपये प्रति माह कर दिया गया है। इस प्रकार इन जवानों को हर महीने पांच सौ रुपये अधिक मिलेंगे और उनके वाहन तथा पोशाक संबंधी खर्चों में काफी हद तक राहत महसूस होगी।
पुलिस स्मृति दिवस के ठीक बाद सामने आया यह बड़ा कदम
यह पूरा घटनाक्रम ठीक उस समय सामने आया है जब राजधानी लखनऊ में बीस अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस का विशेष आयोजन किया गया था। इस गरिमामयी और महत्वपूर्ण अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राजधानी में आयोजित श्रद्धांजलि परेड में व्यक्तिगत रूप से हिस्सा लिया था। मुख्यमंत्री ने वहां देश और समाज के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर शहीदों को अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की थी। उस बड़े कार्यक्रम के तुरंत बाद सरकार ने शासन स्तर पर लंबित पड़े इन महत्वपूर्ण मामलों पर मुहर लगाने का काम किया है। लंबे समय से विभिन्न कर्मचारी संगठन और अधिकारी अपने भत्ते बढ़ाए जाने की मांग कर रहे थे जिस पर अब जाकर शासन ने सकारात्मक रुख दिखाया है। इस वित्तीय संवर्द्धन के लागू होने से फील्ड में सक्रिय रहने वाले हर वर्ग के कर्मचारियों को सीधी राहत मिलेगी और उनके रोजमर्रा के खर्चे आसानी से पूरे हो सकेंगे। सरकार के इस कदम को प्रशासनिक सुधार और कर्मचारियों के कल्याण की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर माना जा रहा है। त्योहार के इस पावन मौके पर मिली इस सौगात से पुलिस परिवार के सदस्यों में भी काफी उत्साह है और वे सरकार के इस निर्णय की सराहना कर रहे हैं।