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राजनीति

माओवाद पर प्रहार: प्रधानमंत्री मोदी ने लाल किले से वैचारिक नक्सलियों की पहचान कर अलग-थलग करने पर दिया जोर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से देश के नाम संबोधन में वामपंथी उग्रवाद और माओवाद के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाया है।

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Kantap News डेस्क
15 अग 2026, 12:19
माओवाद पर प्रहार: प्रधानमंत्री मोदी ने लाल किले से वैचारिक नक्सलियों की पहचान कर अलग-थलग करने पर दिया जोर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के 79वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर ऐतिहासिक लाल किले से अपने संबोधन के दौरान माओवादी विचारधारा को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि देश को अब उन तत्वों से बहुत सावधान रहने की जरूरत है जो चुपचाप अपने वैचारिक एजेंडे के जरिए समाज और व्यवस्था को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि ऐसे वैचारिक या दिमागी नक्सलियों को चिन्हित करना और उन्हें समाज से पूरी तरह अलग-थलग करना अत्यंत आवश्यक हो गया है, ताकि देश की प्रगति में कोई बाधा उत्पन्न न हो सके।

वैचारिक खतरे से निपटने की आवश्यकता

अपने भाषण में पीएम मोदी ने देश की आंतरिक सुरक्षा और सामाजिक ताने-बाने को मजबूत रखने की बात पर विशेष बल दिया। सरकार लगातार देश के विकास विरोधी ताकतों के खिलाफ कड़े कदम उठा रही है, और इसी कड़ी में वैचारिक स्तर पर फैलने वाले उग्रवाद को रोकने के लिए नागरिकों और सुरक्षा तंत्र को अधिक सतर्क रहने की हिदायत दी गई है। देश की जनता को संबोधित करते हुए उन्होंने यह भी दोहराया कि राष्ट्र की एकता और अखंडता के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। सरकार देश के भीतर शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है और इस दिशा में हरसंभव सख्त कदम उठाए जा रहे हैं ताकि देश विकास के पथ पर निरंतर आगे बढ़ता रहे।
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