गाजियाबाद में चुनावी रणनीति का शंखनाद
भारतीय जनता पार्टी की पश्चिमी उत्तर प्रदेश इकाई ने बुधवार को गाजियाबाद के जानकी वन सभागार में एक महत्वपूर्ण संगठनात्मक बैठक संपन्न की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी पांच नवंबर को आयोजित होने वाले 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' पदयात्रा अभियान की रूपरेखा और कार्ययोजना को अंतिम रूप देना था। कार्यक्रम में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने भाग लिया, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश सह-प्रभारी अनंत ओझा उपस्थित थे। बैठक की अध्यक्षता क्षेत्रीय अध्यक्ष नवाब सिंह नागर ने की, जबकि कार्यक्रम का संचालन क्षेत्रीय महामंत्री हरीश ठाकुर द्वारा किया गया। इस बैठक के दौरान पार्टी ने स्पष्ट किया कि पांच नवंबर को गाजियाबाद से शुरू होने वाली यह पदयात्रा विपक्ष को जनता के सामने बेनकाब करने का एक बड़ा माध्यम बनेगी। सभी स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं को अभियान को सफल बनाने के लिए जमीनी स्तर पर सक्रिय होने के निर्देश दिए गए हैं ताकि संदेश सीधे मतदाताओं तक पहुंच सके।
विपक्ष पर तीखे हमले और चुनावी सफलता
बैठक को संबोधित करते हुए प्रदेश सह-प्रभारी अनंत ओझा ने कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दल राज्य की जनता के बीच जानबूझकर भ्रम और अस्थिरता का माहौल पैदा कर रहे हैं। अपनी बात को पुख्ता करते हुए उन्होंने हाल ही में संपन्न हुए विधान परिषद चुनावों का उदाहरण दिया, जिसमें पश्चिमी उत्तर प्रदेश की तीनों सीटों पर भाजपा ने शानदार विजय प्राप्त की थी। ओझा ने इसे विपक्ष के दुष्प्रचार का सबसे सटीक और करारा जवाब बताया। क्षेत्रीय अध्यक्ष नवाब सिंह नागर ने भी पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए आह्वान किया कि वे हर क्षेत्र में जाकर कांग्रेस की कथित जनविरोधी नीतियों को मजबूती से उजागर करें। बैठक में राज्यसभा सांसद और पश्चिम क्षेत्र के प्रभारी रामप्रताप चौहान ने भी अपने विचार रखे। इस दौरान कैबिनेट मंत्री भूपेंद्र चौधरी, सुनील शर्मा, राज्य मंत्री नरेंद्र कश्यप, राज्यसभा सांसद लक्ष्मीकांत वाजपेयी और प्रदेश उपाध्यक्ष मोहित बेनीवाल सहित अन्य कई गणमान्य पदाधिकारियों ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई।
संगठनात्मक सक्रियता और आगामी राजनीतिक एजेंडा
मेरठ के मेयर हरिकांत अहलूवालिया और स्थानीय विधायक अमित अग्रवाल सहित पार्टी के प्रमुख महानगर अध्यक्ष विवेक रस्तोगी, कमल दत्त शर्मा और मीडिया संयोजक गजेंद्र शर्मा जैसे कार्यकर्ताओं ने बैठक में सक्रिय भागीदारी निभाई। यह आयोजन पार्टी के उस व्यापक एजेंडे का हिस्सा है, जिसके माध्यम से भाजपा पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अपनी पकड़ और मजबूत करना चाहती है। पदयात्रा का यह अभियान न केवल विपक्ष के दावों को चुनौती देने के लिए है, बल्कि इसके जरिए सरकार की उपलब्धियों को भी घर-घर पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। पार्टी ने साफ कर दिया है कि वह आने वाले समय में आक्रामक रुख अपनाते हुए विपक्ष के हर आरोप का जवाब जमीनी आंदोलनों के जरिए देगी। कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया गया है कि वे जनता से जुड़े मुद्दों पर अधिक ध्यान दें और विपक्ष द्वारा फैलाए जा रहे भ्रम को पूरी तरह समाप्त करने के लिए तत्पर रहें। पांच नवंबर का यह अभियान आगामी राजनीतिक परिस्थितियों को बदलने के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।