कंटाप
NEWS
शनिवार, 31 अक्तूबर 2026
Follow Us
ब्रेकिंग
स्वदेशी परमाणु घड़ी के साथ इसरो के NVS-03 की सफल लॉन्चिंग, नेविगेशन उपग्रह कक्षा में स्थापित      नेतन्याहू के बहुमत से पिछड़ने पर अरब मीडिया में क्या कहा जा रहा है      बंगाल की खाड़ी में एक के बाद एक क्यों आ रहे समुद्री तूफान? 1970 वाले कनेक्शन का रिपोर्ट में खुलासा      95 साल बाद जनगणना में जाति पूछी जाएगी: यूपी-पंजाब समेत 5 चुनावी राज्यों में फिलहाल नहीं; बाकी देश में 25 जन...      कल का मौसम, 31 अक्टूबर: शनिवार को 25 राज्यों में होगी बारिश, 50-60 की स्पीड से चलेगी हवा      'मोदी कहीं नहीं जाएगा' के नारों से गूंजा गुजरात, PM बोले- 'आखिरी सांस तक करूंगा देश की सेवा'      अभिजीत दीपके से एक कदम आगे नेहा बोरा, समर्थन दोनों का लेकिन... विपक्ष की रामलीला मैदान रैली पर नया ट्विस्ट      MLC चुनाव रिजल्ट का साइड इफेक्ट, BJP-शिंदे गठबंधन में तकरार, UP में बढ़ी टेंशन     
SENSEX लोड हो रहा... | NIFTY लोड हो रहा... | GOLD (10g) ₹— | SILVER (10g) ₹— | USD/INR ₹— | CRUDE OIL $— | Uttar Pradesh — लोड हो रहा है | --:--:-- | लाइव अपडेट
@NewsKantap:
राजनीति

विपक्ष को समर्थन: कॉकरोच जनता पार्टी 1 नवंबर की रामलीला रैली में शामिल होगी

अभिजीत दीपके के नेतृत्व वाली कॉकरोच जनता पार्टी ने 1 नवंबर को होने वाली विपक्ष की रैली को अपना समर्थन देने की घोषणा की है। यह रैली दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित की जाएगी जिसे लेकर दिल्ली पुलिस ने कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

A
Ankit Yadav
30 अक्ट 2026, 10:42
विपक्ष को समर्थन: कॉकरोच जनता पार्टी 1 नवंबर की रामलीला रैली में शामिल होगी

कॉकरोच जनता पार्टी का बड़ा राजनीतिक कदम

दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में आगामी 1 नवंबर को विपक्ष की ओर से एक विशाल रैली का आयोजन किया जा रहा है। इस रैली को अब कॉकरोच जनता पार्टी का आधिकारिक समर्थन प्राप्त हो गया है। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने स्पष्ट किया है कि वे इस आयोजन में विपक्षी दलों के साथ खड़े नजर आएंगे। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के नेता पहले से ही लामबंद हैं और अब इसमें कॉकरोच जनता पार्टी का जुड़ना एक बड़ी राजनीतिक घटना मानी जा रही है। आयोजन के केंद्र में मुख्य रूप से चुनाव आयुक्त का इस्तीफा और एसआईआर को रोकना शामिल है। राहुल गांधी इस पूरे आंदोलन का नेतृत्व कर रहे हैं और ज्ञानेश कुमार के पद से हटने की मांग को लेकर निरंतर दबाव बना रहे हैं। यह रैली दिल्ली में होने वाली है और इसे सफल बनाने के लिए विपक्षी दल पूरी तैयारी कर रहे हैं, जिसमें अब अभिजीत दीपके का साथ मिलना एक नया मोड़ लेकर आया है।

अभिजीत दीपके के दावे और पुलिस की शर्तें

अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने विचार साझा करते हुए कहा है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का तत्काल इस्तीफा अत्यंत आवश्यक हो गया है। उनके अनुसार, ज्ञानेश कुमार ने एसआईआर के माध्यम से निष्पक्ष एवं स्वतंत्र चुनाव संपन्न कराने के लिए जनता का जो भरोसा होता है, उसे पूरी तरह से खो दिया है। चुनाव आयोग की खोई हुई साख और उसकी स्वतंत्रता को वापस पाने के लिए यह बदलाव जरूरी है। इस बीच, दिल्ली पुलिस ने 1 नवंबर को रामलीला मैदान में होने वाली इस रैली को कई कड़ी शर्तों के अधीन अनुमति प्रदान की है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि रैली शाम पांच बजे तक अनिवार्य रूप से समाप्त हो जानी चाहिए और रात के समय मैदान में किसी भी व्यक्ति का रुकना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। मैदान के बाहर भीड़ एकत्रित न हो, यह जिम्मेदारी आयोजकों की होगी। इसके अलावा, पूरे परिसर की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाने होंगे और पांच स्क्रीन का एक विशेष कंट्रोल रूम स्थापित करना अनिवार्य है। मंच से कोई भी भड़काऊ बयान न देने की कड़ी चेतावनी भी पुलिस ने जारी की है।

आंदोलन का मुख्य आधार और भविष्य की राह

कांग्रेस पार्टी और सीजेपी वर्तमान में सरकार के खिलाफ एक साझा रणनीति पर काम कर रहे हैं और उनके विरोध का मुख्य केंद्र चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली है। ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग के अलावा, एसआईआर को रोकना भी उनके प्रमुख एजेंडे में शामिल है। यह रैली केवल एक सभा नहीं है, बल्कि विपक्षी एकता का प्रदर्शन भी है जो चुनाव आयोग की विश्वसनीयता पर सवाल उठा रही है। राहुल गांधी के नेतृत्व में चल रहा यह अभियान अब व्यापक होता जा रहा है क्योंकि इसमें अन्य छोटी पार्टियों का भी साथ मिल रहा है। आम जनता के बीच भी इन मुद्दों की चर्चा तेज है क्योंकि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव लोकतंत्र की सबसे बड़ी नींव माने जाते हैं। पुलिस द्वारा लगाई गई कड़ी शर्तों के बावजूद विपक्षी नेता इस रैली को अपनी आवाज बुलंद करने का एक बड़ा माध्यम मान रहे हैं। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या इस दबाव के बाद सरकार चुनाव आयोग की कार्यशैली या ज्ञानेश कुमार की स्थिति पर कोई प्रतिक्रिया देती है। फिलहाल पूरा विपक्ष 1 नवंबर के दिन अपनी पूरी ताकत के साथ रामलीला मैदान में एकजुट होने की तैयारी में जुटा है।

कंटाप
NEWS
होम 🇮🇳 देश 🗺️ राज्य 🌍 विदेश 🏛️ राजनीति 💼 व्यापार 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 💻 टेक्नोलॉजी 🏥 स्वास्थ्य 📚 शिक्षा 🕉️ धर्म वीडियो राशिफल खोज