प्रेसवार्ता में विपक्ष पर गंभीर आरोप
भारतीय जनता पार्टी के लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ अभियान के तहत बुधवार को पार्टी कार्यालय में एक महत्वपूर्ण प्रेसवार्ता का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में पूर्व मंत्री कंवरपाल गुर्जर ने मुख्य वक्ता के तौर पर शिरकत की और विपक्ष पर तीखे राजनीतिक प्रहार किए। उनके साथ जिला महामंत्री नरेंद्र राणा, प्रवीण खदरी, जिला मीडिया प्रभारी कपिल मनीष गर्ग और मंडल अध्यक्ष प्रियंक शर्मा उपस्थित रहे। प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए कंवरपाल ने कांग्रेस पार्टी और उसके सहयोगी दलों पर वोट चोरी, एसआईआर प्रक्रिया, ईवीएम की विश्वसनीयता और केंद्रीय चुनाव आयोग जैसे मुद्दों को लेकर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल अपनी चुनावी हार और विफलताओं को छिपाने के लिए देश में जानबूझकर भ्रम का माहौल पैदा कर रहे हैं। उनके अनुसार, यह दल लगातार लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं पर हमला कर रहे हैं ताकि अपनी राजनीतिक जमीन बचा सकें। कंवरपाल ने इन आरोपों को जनता के लिए गुमराह करने वाला करार दिया और विपक्ष की कार्यशैली पर सवालिया निशान खड़े किए।
एसआईआर प्रक्रिया पर कंवरपाल की सफाई
पूर्व मंत्री कंवरपाल ने एसआईआर यानी एसआईआर प्रक्रिया से जुड़ी चिंताओं को पूरी तरह बेबुनियाद बताते हुए स्पष्टीकरण दिया है। उन्होंने कहा कि यह कोई गुप्त प्रक्रिया नहीं है, बल्कि पूरी तरह पारदर्शी तरीके से संचालित की जा रही है। उन्होंने विस्तार से जानकारी दी कि इस प्रक्रिया में 20 लाख से अधिक बीएलओ यानी बूथ लेवल अधिकारी शामिल हैं, जो पूरी पारदर्शिता के साथ काम कर रहे हैं। कंवरपाल ने यह भी स्पष्ट किया कि इस कार्य में लगभग सभी राष्ट्रीय राजनीतिक दलों के बीएलए-2 यानी बूथ लेवल एजेंट भी सक्रिय रूप से अपनी भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए पूछा कि जिन राज्यों में कांग्रेस की सरकारें सत्ता में हैं, वहां इस प्रक्रिया को लेकर वैसा विरोध क्यों नहीं देखने को मिल रहा जैसा अन्य राज्यों में किया जा रहा है। उन्होंने इसे विपक्ष का दोहरा मापदंड बताया और कहा कि कांग्रेस केवल अपनी राजनीति चमकाने के लिए मुद्दों को तूल दे रही है, जबकि जमीनी हकीकत कुछ और ही है।
त्योहारी सीजन और रैली पर चिंता
आगामी एक नवंबर को कांग्रेस द्वारा प्रस्तावित रैली और धरना-प्रदर्शन को लेकर कंवरपाल ने चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि विरोध करना हर किसी का संवैधानिक अधिकार है, लेकिन इसका असर आम जनता और व्यापारियों पर नहीं पड़ना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि किसी राजनीतिक कार्यक्रम की वजह से व्यापारियों का कारोबार और त्योहारों में बाजार की रौनक प्रभावित होती है, तो कांग्रेस को रैली की तारीख बदलने पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। कंवरपाल ने उम्मीद जताई कि विपक्षी दल जनता की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अपने कार्यक्रम में बदलाव करेंगे ताकि त्योहारों के दौरान व्यापारिक गतिविधियां सुचारू रूप से चलती रहें। भाजपा नेताओं ने स्पष्ट कर दिया है कि वे विपक्ष के झूठे दावों को बेनकाब करने के लिए जनता के बीच जाकर पूरी सच्चाई रखेंगे। त्योहारों का समय होने के कारण व्यापारियों की चिंता भी बढ़ी हुई है, जिस पर भाजपा ने सहानुभूति जताते हुए कांग्रेस से संयम बरतने की अपील की है।