कंटाप
NEWS
शनिवार, 24 अक्तूबर 2026
Follow Us
ब्रेकिंग
'अरुणाचल बॉर्डर पर भारत और चीन आमने-सामने बने हुए हैं', आईटीबीपी डीजी के बयान पर सियासत गरमाई      बिहार की पटाखा फैक्ट्री में ब्लास्ट: एक ही परिवार के 5 लोगों की मौत, बिल्डिंग के बाहर शव बिखरे; घनी आबादी क...      PHOTOS: स्कॉर्पियो से कैदी वाहन और महंगे होटलों से जेल के खाने तक... मॉडल श्रद्धा दुबे का डाउनफॉल!      राहुल गांधी पर पीएम मोदी के लगातार हमले लेकिन नेहा बोरा-दीपके पर चुप्पी के क्या मायने हैं      'पता नहीं डोनाल्ड ट्रंप को कब अक्ल आएगी...', अमेरिकी राष्ट्रपति पर क्यों भड़क उठे फारूक अब्दुल्ला?      फ्री कश्मीर, फ्री शरजील इमाम... जामिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी की दीवारों पर किसने लिखा, 'नो स्पेस फॉर संघी'      यूसुफ पठान के विवादित प्लॉट को नगर निगम की भी मंजूरी, कांग्रेस बोली- 1 वोट की कीमत 15 करोड़      दिल्ली हाईकोर्ट ने खारिज की नेहा बोरा की याचिका, कहा- कार्रवाई शुरू करने के लिए पर्याप्त जानकारी और दस्तावे     
SENSEX लोड हो रहा... | NIFTY लोड हो रहा... | GOLD (10g) ₹— | SILVER (10g) ₹— | USD/INR ₹— | CRUDE OIL $— | Uttar Pradesh — लोड हो रहा है | --:--:-- | लाइव अपडेट
@NewsKantap:
राजनीति

राजनीतिक हलचल तेज: मानसून सत्र के बीच चुनाव सुधारों पर सर्वदलीय बैठक आयोजित, नए नियमों पर चर्चा

संसद के मानसून सत्र की सरगर्मी के बीच आज देश में चुनाव सुधारों को लेकर एक अहम सर्वदलीय बैठक बुलाई गई, जिसमें कई बड़े बदलावों पर विचार हुआ।

X
Kantap News डेस्क
10 अग 2026, 12:20
राजनीतिक हलचल तेज: मानसून सत्र के बीच चुनाव सुधारों पर सर्वदलीय बैठक आयोजित, नए नियमों पर चर्चा

देश की चुनावी प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी, समावेशी और आधुनिक बनाने की दिशा में आज नई दिल्ली में एक उच्च स्तरीय सर्वदलीय बैठक का आयोजन किया गया। संसद के मौजूदा मानसून सत्र की पृष्ठभूमि में हुई इस बैठक में सत्ता पक्ष और विपक्ष के प्रमुख नेताओं ने हिस्सा लिया। निर्वाचन आयोग द्वारा प्रस्तावित कुछ नए सुधारों पर चर्चा हुई, जिसमें एक देश एक चुनाव की परिकल्पना, रिमोट वोटिंग मशीनों के इस्तेमाल और डिजिटल मतदाता पहचान पत्रों की सुरक्षा को मुख्य एजेंडा बनाया गया। बैठक की अध्यक्षता लोकसभा अध्यक्ष ने की और सभी दलों से सकारात्मक सहयोग की अपील की।

डिजिटल वकालत और पारदर्शी वित्तपोषण बैठक के दौरान राजनीतिक दलों के चंदे और चुनावी खर्च की सीमा पर भी गंभीर विचार-विमर्श किया गया। विपक्ष के नेताओं ने मांग की कि राजनीतिक दलों को मिलने वाले वित्तपोषण में पूरी पारदर्शिता होनी चाहिए और कॉरपोरेट फंडिंग के नियमों को और अधिक कड़ा किया जाना चाहिए। वहीं, सरकार की ओर से तर्क दिया गया कि डिजिटल माध्यमों के आने से चुनावी फंडिंग में काफी हद तक पारदर्शिता आई है। इसके अलावा, सोशल मीडिया पर चुनाव प्रचार के दौरान फेक न्यूज और भ्रामक विज्ञापनों पर रोक लगाने के लिए सख्त दिशा-निर्देश तैयार करने पर भी आम सहमति बनती नजर आई।

भविष्य की रूपरेखा और आम सहमति बैठक के अंत में यह निर्णय लिया गया कि सभी राजनीतिक दल अपने लिखित सुझाव अगले सात दिनों के भीतर चुनाव आयोग और संसदीय समिति को सौंपेंगे। मानसून सत्र के दौरान इन प्रस्तावों को एक विस्तृत विधेयक के रूप में सदन के पटल पर रखे जाने की संभावना है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि इन सुधारों पर आम सहमति बन जाती है, तो यह भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में एक बहुत बड़ा मील का पत्थर साबित होगा, जिससे चुनाव प्रक्रिया में आम नागरिक का विश्वास और अधिक मजबूत होगा।

कंटाप
NEWS
होम 🇮🇳 देश 🗺️ राज्य 🌍 विदेश 🏛️ राजनीति 💼 व्यापार 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 💻 टेक्नोलॉजी 🏥 स्वास्थ्य 📚 शिक्षा 🕉️ धर्म वीडियो राशिफल खोज