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राजनीति

अंतहीन देरी: 17 साल बाद भी मुंबई-गोवा हाईवे विस्तार गड्ढों और राजनीति में उलझा

मुंबई-गोवा राष्ट्रीय राजमार्ग के चौड़ीकरण का कार्य पिछले 17 वर्षों से अधूरा पड़ा है, जिससे आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यह बहुप्रतीक्षित परियोजना लगातार प्रशासनिक लापरवाही और राजनीतिक खींचतान के कारण पटरी से उतरी हुई है।

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Kantap News डेस्क
12 अग 2026, 16:19
अंतहीन देरी: 17 साल बाद भी मुंबई-गोवा हाईवे विस्तार गड्ढों और राजनीति में उलझा
मुंबई और गोवा को जोड़ने वाले इस महत्वपूर्ण मार्ग का विस्तार कार्य शुरू हुए लगभग दो दशक बीत चुके हैं, लेकिन आज भी यह पूरा होने का नाम नहीं ले रहा है। खराब योजना और सुस्त निर्माण गति के कारण इस पूरे रास्ते पर जगह-जगह खतरनाक गड्ढे बन गए हैं, जो आए दिन सड़क हादसों को दावत देते रहते हैं। स्थानीय यात्रियों और वाहन चालकों को सफर के दौरान हर रोज भयंकर जाम और दुश्वारियों से जूझना पड़ता है।

राजनीतिक खींचतान और प्रशासनिक विफलता

इस महत्वाकांक्षी परियोजना के इतने लंबे समय तक खिंचने के पीछे मुख्य वजह राजनीतिक उदासीनता और प्रशासनिक समन्वय की कमी को माना जा रहा है। विभिन्न सरकारों और विभागों के बीच आपसी सुगबुगाहट के अभाव में काम की गति कछुए की चाल से भी धीमी रही है। ठेकेदारों की लापरवाही और समय पर बजट न मिलने के कारण भी निर्माण कार्यों में लगातार बाधाएं आती रही हैं, जिससे जनता का गुस्सा सातवें आसमान पर है। त्योहारों और छुट्टियों के सीजन में इस रास्ते पर स्थिति और भी ज्यादा भयावह हो जाती है, जब वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं। स्थानीय लोगों और विभिन्न संगठनों ने कई बार इस मुद्दे पर नाराजगी जताई है और विरोध प्रदर्शन भी किए हैं, परंतु धरातल पर हालात जस के तस बने हुए हैं। जनता अब केवल खोखले आश्वासनों से ऊब चुकी है और इस अहम सड़क मार्ग के जल्द से जल्द सुरक्षित निर्माण की मांग कर रही है।
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