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राजनीति

बंगाल में हिंसक झड़पों का साया: लगातार हमलों से त्रस्त टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद ने की आर्म्स लाइसेंस की मांग

पश्चिम बंगाल की राजनीति में उस वक्त सनसनी फैल गई जब तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ सांसद कीर्ति आजाद ने हाल ही में हुए हमलों से अपनी रक्षा के लिए पिस्तौल का लाइसेंस मांगने की बात कही, जिससे राज्य में कानून व्यवस्था को लेकर तृणमूल और भाजपा के बीच तनातनी और बढ़ गई है।

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Kantap News डेस्क
19 अग 2026, 13:42
बंगाल में हिंसक झड़पों का साया: लगातार हमलों से त्रस्त टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद ने की आर्म्स लाइसेंस की मांग
पश्चिम बंगाल के राजनीतिक गलियारों में एक बार फिर तनाव का माहौल गहरा गया है क्योंकि राज्य में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के नेताओं को निशाना बनाकर किए जा रहे विरोध प्रदर्शनों और कथित हमलों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। इसी कड़ी में टीएमसी के प्रमुख सांसद और पूर्व क्रिकेटर कीर्ति आजाद ने एक बड़ा बयान देते हुए कहा है कि हाल के दिनों में उनके साथियों और पार्टी कार्यालयों पर लगातार अंडे फेंके जाने जैसी घटनाओं को देखते हुए वे अपनी आत्मरक्षा के लिए कानूनी रूप से पिस्तौल का लाइसेंस लेने पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं। आजाद का यह भी दावा है कि केवल वे ही नहीं बल्कि पार्टी के कई अन्य वरिष्ठ नेता और जनप्रतिनिधि भी अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं और इसी तरह के कानूनी विकल्पों पर विचार कर रहे हैं। इस बयान के सामने आते ही राज्य की राजनीति में भूचाल आ गया है और विपक्षी दलों ने ममता बनर्जी सरकार पर तीखे हमले बोलने शुरू कर दिए हैं।

टीएमसी बनाम बीजेपी संघर्ष और तीखी बयानबाजी

इस पूरे प्रकरण के बाद राज्य में तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच का वैचारिक और राजनीतिक संघर्ष एक नए स्तर पर पहुंच गया है। बीजेपी के स्थानीय नेताओं का कहना है कि यह केवल टीएमसी की आंतरिक कलह और जनता में उनके खिलाफ बढ़ रहे भारी आक्रोश का परिणाम है, जिसे वे अब झूठे बयानों के जरिए अपनी नाकामियों को छिपाने का प्रयास कर रहे हैं। दूसरी ओर, टीएमसी नेतृत्व ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए विपक्षी दलों पर गुंडागर्दी को बढ़ावा देने और राज्य का माहौल अशांत करने की साजिश रचने का गंभीर आरोप लगाया है। दोनों दलों के बीच इस बात को लेकर भी जुबानी जंग छिड़ गई है कि बंगाल में किसकी सुरक्षा ज्यादा खतरे में है।

प्रशासनिक कदम और कानून व्यवस्था की स्थिति

राज्य में बिगड़ते राजनीतिक माहौल को देखते हुए स्थानीय पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है तथा संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की जा रही है ताकि किसी भी अनहोनी घटना को समय रहते टाला जा सके। हालांकि, जनप्रतिनिधियों द्वारा खुद के लिए हथियारों की मांग करने से आम जनता के बीच सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंताएं और अधिक गहरी होती जा रही हैं।
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