बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करने का अभियान
वर्ष 2027 में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर समाजवादी पार्टी ने राज्य भर में अपनी संगठनात्मक गतिविधियों को काफी तेज कर दिया है। इसी कड़ी में पार्टी रणनीतिक तौर पर बूथ स्तर पर अपनी पकड़ मजबूत करने और अधिक से अधिक निर्वाचन क्षेत्रों में विजय प्राप्त करने के लिए लगातार कार्य कर रही है। समाजवादी पार्टी के निवर्तमान जिलाध्यक्ष बृजेश कुमार गौतम ने एक बयान में दावा किया कि पार्टी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह जिले की सभी नौ विधानसभा सीटों पर पूरी मेहनत के साथ सक्रिय है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पार्टी का मुख्य उद्देश्य यहीं से मुख्यमंत्री को रोकना है और इसके लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे। राजनीतिक गलियारों में इस बयान को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं क्योंकि विपक्षी दल अभी से चुनावी मैदान में अपनी पूरी ताकत झोंकते हुए नजर आ रहे हैं। पार्टी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे क्षेत्र में लगातार सक्रिय रहें और आम जनता से सीधा संपर्क स्थापित करें। पिछले चुनाव के परिणामों को पीछे छोड़ते हुए इस बार नए जोश के साथ आगे बढ़ने की योजना बनाई जा रही है। पार्टी नेताओं का यह भी मानना है कि प्रदेश में बदलाव की सख्त जरूरत है और जनता अब एक बेहतर विकल्प की तलाश में पूरी तरह से मन बना चुकी है।
युवाओं और रोजगार के मुद्दों पर सरकार को घेरा
सपा नेता बृजेश गौतम ने वर्तमान सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए रोजगार और कानून व्यवस्था के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र और राज्य की मौजूदा सरकार युवाओं को नौकरी देने में पूरी तरह से विफल साबित हुई है। उनके अनुसार जब पढ़े-लिखे नौजवान रोजगार की मांग करते हैं तो उन्हें अपनी आवाज उठाने के बदले पुलिस की लाठियां खानी पड़ती हैं। कई युवा रोजी-रोटी की तलाश में दर-दर भटकने को मजबूर हैं और कुछ तो विदेशों तक जाने की स्थिति में पहुंच गए हैं। गोरखपुर जैसे प्रमुख जिले में भी अपराध की घटनाओं को लेकर उन्होंने गंभीर सवाल खड़े किए। मुख्यमंत्री के गृह जनपद होने के बावजूद वहां महिलाओं की सुरक्षा, हत्या, लूटपाट और दुष्कर्म की वारदातों को लेकर लोगों में भारी चिंता व्याप्त है। इसके अलावा उन्होंने पीडीए यानी पीड़ित, शोषित और वंचित वर्ग की अवधारणा को स्पष्ट करते हुए कहा कि पार्टी हमेशा से ऐसे लोगों के साथ खड़ी रही है जिन्हें न्याय पाने में कठिनाई होती है। उन्होंने यह भी बताया कि पार्टी की राजनीति समाज के सभी वर्गों के सम्मान को सर्वोपरि रखती है और भाजपा की कार्यशैली से बिल्कुल अलग है। शिक्षकों के मुद्दों पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि पुरानी पेंशन की बहाली और वित्तविहीन शिक्षकों की समस्याओं का समाधान पार्टी की प्राथमिकता सूची में शामिल है।
जेन-जी और लोकतांत्रिक अधिकारों को लेकर बड़ा दावा
युवाओं और जेन-जी वर्ग को संबोधित करते हुए सपा नेता ने कहा कि उन्हें अपने लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए बिल्कुल भी डरने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा शासनकाल में शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने वाले युवाओं पर ज्यादतियां की जाती हैं और उनकी आवाज को दबाने का प्रयास किया जाता है। इतिहास और स्वतंत्रता संग्राम का हवाला देते हुए उन्होंने याद दिलाया कि देशवासियों ने मिलकर अंग्रेजों के खिलाफ कड़ा संघर्ष किया था। आज के दौर में युवाओं को अपने रोजगार और अधिकारों के लिए लोकतांत्रिक दायरे में रहकर आवाज उठाने का पूरा संवैधानिक अधिकार प्राप्त है। उन्होंने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का भी उल्लेख किया और इसे युवाओं की शक्ति का प्रत्यक्ष परिणाम बताया। साथ ही चुनाव निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए यह भी आरोप लगाया कि संवैधानिक संस्थाओं का उपयोग एक खास दल के पक्ष में किया जा रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि वर्ष 2022 में जो लक्ष्य पूरा नहीं हो सका था, उसे इस बार मिलकर हासिल किया जाएगा। अंत में उन्होंने सभी शिक्षकों से अपील की कि वे आगामी चुनाव में पार्टी प्रत्याशी डॉक्टर संजयन त्रिपाठी के पक्ष में मतदान करें ताकि शिक्षा क्षेत्र की पुरानी समस्याओं का स्थायी समाधान हो सके।