लखनऊ में माता की चौकी में अखिलेश की उपस्थिति
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 के मद्देनजर राजनीतिक गलियारों में गतिविधियां तेज हो चुकी हैं, जहां समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव हाल ही में लखनऊ में आयोजित माता की चौकी कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। इस धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में उनके समर्थक और आम श्रद्धालु भी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान सपा प्रमुख ने विधिवत पूजा-अर्चना करने के साथ ही आरती में भी हिस्सा लिया। अपनी इस यात्रा के दौरान उन्होंने संवाददाताओं से बातचीत करते हुए कहा कि देश की असली खूबसूरती उसकी विविध संस्कृतियों और अनेक धार्मिक परंपराओं में निहित है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि विभिन्न धर्मों और संप्रदाय के लोग यहां मिलजुलकर रहते हैं और एक-दूसरे के आयोजनों में भाग लेते हैं। उनके अनुसार, नवरात्र का पावन पर्व किसी भी नए कार्य को आरंभ करने के लिए बेहद उत्तम माना जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि मां दुर्गा की पूजा हमें जीवन में धैर्य रखने, अपने भीतर के अहंकार को समाप्त करने और आपसी नफरत को मिटाने का संदेश देती है। उनके मुताबिक, सभी पारंपरिक पर्वों का मुख्य उद्देश्य समाज में आपसी भाईचारे और सौहार्द की भावना को और अधिक मजबूत करना है।
महंगाई के मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी पर हमला
धार्मिक अनुष्ठान में भाग लेने के साथ ही समाजवादी पार्टी के प्रमुख ने सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में पूजा-पाठ और अनुष्ठानों में उपयोग होने वाली वस्तुओं के दाम लगातार बढ़ते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि केवल चीनी ही नहीं बल्कि अन्य सभी जरूरी सामानों की कीमतें भी आसमान छू रही हैं। उनका यह भी आरोप था कि बाजार में केवल मुनाफा कमाने के इरादे से खाद्य पदार्थों में मिलावट की जाती है, जिसके कारण महंगाई को बढ़ावा मिलता है। उन्होंने मांग की कि ऐसे पावन त्योहारों के मौके पर सरकार को आम जनता को राहत देनी चाहिए और चीनी जैसी आवश्यक सामग्री कम दामों पर उपलब्ध करानी चाहिए। दूसरी ओर, भाजपा ने पलटवार करते हुए सोशल मीडिया हैंडल पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें सपा नेताओं पर नवरात्र के समय मांसाहारी भोजन करने का आरोप लगाया गया। भारतीय जनता पार्टी ने इसे दोहरा चरित्र बताते हुए कहा कि एक तरफ चुनावी हिंदू बनने का स्वांग रचा जा रहा है तो दूसरी तरफ सनातन आस्था का अपमान किया जा रहा है। भाजपा प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने कहा कि चुनाव नजदीक आते ही हिंदू वोटों के लिए अलग-अलग रूपों में जाने का नाटक किया जा रहा है, लेकिन रामलला के भक्तों के हत्या के दाग उनके दामन से कभी नहीं मिटेंगे।
मांसाहार के वायरल वीडियो पर तीखी राजनीतिक प्रतिक्रिया
सपा नेताओं के खानपान से जुड़ा एक वीडियो वायरल होने के बाद भाजपा नेताओं ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई है। भाजपा नेता मनीष शुक्ला ने कहा कि देश भर में इस समय सनातन आस्था का पर्व नवरात्र मनाया जा रहा है, ऐसे समय में समाजवादी पार्टी के एक सांसद और उनके जिलाध्यक्ष द्वारा मांसाहार की दावत का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड करना बेहद आपत्तिजनक है। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी मुखिया का सनातन परंपराओं में कोई विश्वास नहीं है और इस प्रकार के कृत्यों के माध्यम से एक विशेष वर्ग को संतुष्ट करने का प्रयास किया जा रहा है। उनका कहना था कि उत्तर प्रदेश की जनता इन दलों के असली चरित्र को भली-भांति समझती है। भाजपा नेताओं का आरोप है कि सपा नेता कभी शिवभक्त तो कभी कृष्णभक्त बनने का ढोंग करते हैं, लेकिन जनता सब जानती है। इस पूरे घटनाक्रम ने राज्य की राजनीति को गरमा दिया है और चुनाव से पहले धार्मिक व सांस्कृतिक मुद्दों पर बहस छिड़ गई है। दोनों दलों के बीच आरोपों और प्रत्यारोपों का दौर जारी है, जिससे आगामी चुनावों का राजनीतिक माहौल लगातार गर्म होता जा रहा है।