Lucknow Desk : इस बार अयोध्या में दीपोत्सव को और भव्य तरीके से मनाया जाएगा। बता दे कि पिछली दिवाली में सरयू तट पर 26 लाख से अधिक दीप प्रज्ज्वलित किए गए थे। जिसके चलते इस बार 30 लाख से अधिक दीप प्रज्ज्वलित करने की तैयारी है। वहीं इस बार दीपोत्सव को और भव्य व नवाचार से युक्त बनाने के लिए आम लोगों और युवाओं को भी शामिल किया जाएगा। इस बार दीपोत्सव को और भव्य बनाने के लिए 2,100 ड्रोन का शानदार शो आयोजित किया जाएगा। दीपोत्सव के दो दिन बाद जमघट के अवसर पर भी ड्रोन शो का आयोजन होगा। इसके साथ ही 3डी प्रोजेक्शन, लेजर शो और म्यूजिकल ग्रीन फायरवर्क्स आकर्षण का केंद्र रहेंगे। विभाग MyGov UP के जरिए लोगों से दीपोत्सव को लेकर सुझाव लेगा। इन सुझावों की मदद से आयोजन में नए और बेहतर तरीके शामिल किए जाएंगे। युवाओं को भी दीपोत्सव से जोड़ा जाएगा, ताकि वे हमारी सांस्कृतिक परंपराओं को आगे बढ़ा सकें। इस बार दीपोत्सव में देश-विदेश के लोगों की भागीदारी बढ़ाने की तैयारी है।
इसके तहत कई देशों के पर्यटन और संस्कृति मंत्रियों के साथ उनके प्रतिनिधियों को भी दीपोत्सव में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया जाएगा। इसके अलावा, 30 से ज्यादा देशों में मौजूद भारतीय दूतावासों और राजदूतों के माध्यम से प्रवासी भारतीयों को भी दीपोत्सव में आने का निमंत्रण भेजा जाएगा। इससे विदेशों में रहने वाले भारतीयों को भी अयोध्या के दीपोत्सव से जुड़ने का मौका मिलेगा। अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात ने बताया कि इस बार अयोध्या के दीपोत्सव को और भव्य बनाने की तैयारी की जा रही है। धर्मपथ पर रामायण की कहानी और उससे जुड़े प्रसंगों को दर्शाते हुए 10 प्रवेश द्वार बनाए जाएंगे। इससे अयोध्या आने वाले लोगों को प्रवेश से ही रामायण की झलक देखने को मिलेगी। सरयू नदी में पुष्पक विमान का एक मॉडल भी स्थायी रूप से लगाया जाएगा। इससे यहां आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए एक नया आकर्षण जुड़ जाएगा। दीपोत्सव के दिन अयोध्या में सुबह 4 बजे से भजनों का प्रसारण शुरू होगा। इसके बाद दिनभर अलग-अलग धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। 2,100 से अधिक बटुक सरयू नदी के तट पर एक साथ सरयू आरती करेंगे।
इसके अलावा अयोध्या के 240 से अधिक मंदिरों और मठों में भी दीप जलाए जाएंगे। दीपोत्सव को और आकर्षक बनाने के लिए उद्योग और व्यापार संगठनों की मदद से शहर के 25 प्रमुख चौराहों को सजाया जाएगा। इन जगहों पर विशेष सजावट और रोशनी की व्यवस्था की जाएगी। दीपोत्सव के दौरान रामलीला मंडलियों की प्रस्तुतियां भी होंगी। इसके साथ ही अलग-अलग जगहों पर पारंपरिक लोकनृत्य और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। साकेत कॉलेज से रामकथा पार्क तक भव्य झांकियों की शोभायात्रा निकाली जाएगी, जिसमें रामायण से जुड़े अलग-अलग प्रसंगों को दिखाया जाएगा। पिछली बार दीपोत्सव में वानर सेना में 100 बच्चों ने हिस्सा लिया था। इस बार इसमें और अधिक बच्चों को शामिल करने की तैयारी है। इसका उद्देश्य बच्चों को दीपोत्सव और रामायण से जुड़े सांस्कृतिक कार्यक्रमों से जोड़ना है। इस तरह इस बार का दीपोत्सव धार्मिक कार्यक्रमों के साथ-साथ सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, झांकियों, सजावट और अलग-अलग आयोजनों से भरा रहेगा। सुबह भजन प्रसारण से शुरू होकर दिनभर अयोध्या में कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।