कंटाप
NEWS
शुक्रवार, 23 अक्तूबर 2026
Follow Us
ब्रेकिंग
'शिमला में भुट्टो से मिली थीं इंदिरा', रूबियो से मुंबई में मिलने के विवाद पर बोले जयशंकर      'इतना अन्याय किसी परिवार के ऊपर नहीं हुआ होगा...', अखिलेश यादव ने आजम खान के लिए ऐसा क्यों कहा?      अनशन खत्म कराने डिप्टी CM ने लिए थे 500 करोड़? एकनाथ शिंदे vs मनोज जरांगे के बीच अब क्या पंगा      स्पीकर ओम बिरला की दो टूक, अगर CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष का प्रस्ताव...      गूगल के CEO सुंदर पिचाई से बोले ट्रंप- अभी अटलांटिक का नाम बदलो, फिर मैं प्रशांत      यूं ही नहीं फ्रांस से भारत तक हो रहे दंगे-प्रदर्शन, 13 देशों के 101 संगठनों का सीक्रेट नेटवर्क कर रहा काम      PM बोले-कुछ लोग विदेशों में भारत को बदनाम कर रहे: कांग्रेस कब तक अपने फेल प्रोडक्ट की लॉन्चिंग के लिए देश क...      ज्ञानेश कुमार पर आर-पार, इस बार बीजेपी भी तैयार... SIR पर आज फिर छिड़ेगा संग्राम!     
SENSEX लोड हो रहा... | NIFTY लोड हो रहा... | GOLD (10g) ₹— | SILVER (10g) ₹— | USD/INR ₹— | CRUDE OIL $— | Uttar Pradesh — लोड हो रहा है | --:--:-- | लाइव अपडेट
@NewsKantap:
राजनीति

डिजिटल न्याय प्रणाली का विस्तार: राजस्थान उच्च न्यायालय ने शुरू की पूरी तरह स्वचालित पेपरलेस अदालत

न्यायिक प्रक्रियाओं में तेजी लाने और मुकदमों के बैकलॉग को खत्म करने के लिए राजस्थान उच्च न्यायालय ने आज से अपनी पहली पूरी तरह डिजिटल अदालत का संचालन शुरू कर दिया है।

X
Kantap News डेस्क
18 अग 2026, 17:57
डिजिटल न्याय प्रणाली का विस्तार: राजस्थान उच्च न्यायालय ने शुरू की पूरी तरह स्वचालित पेपरलेस अदालत
राजस्थान उच्च न्यायालय ने न्यायिक सुधारों की कड़ी में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर पार करते हुए जयपुर पीठ में देश की सबसे आधुनिक और पूरी तरह से पेपरलेस डिजिटल अदालत का शुभारंभ किया है। इस नई अदालत में मुकदमों की फाइलिंग से लेकर सुनवाई, गवाहों के बयान और अंतिम फैसले तक की पूरी प्रक्रिया क्लाउड-आधारित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सॉफ्टवेयर के माध्यम से संचालित होगी। इस कदम से न केवल कागजी कार्रवाई पर होने वाले खर्च में भारी कमी आएगी, बल्कि मुकदमों के निस्तारण की गति में भी अभूतपूर्व तेजी आएगी।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और वकीलों की सुविधा

इस स्वचालित अदालत कक्ष में वकीलों और न्यायाधीशों की कुर्सियों के सामने उच्च-रिज़ॉल्यूशन की टचस्क्रीन डिस्प्ले इकाइयां लगाई गई हैं, जिन पर मुकदमों से जुड़े दस्तावेज एक क्लिक पर उपलब्ध होंगे। इसके अलावा, एआई-संचालित वॉयस-टू-टेक्स्ट सॉफ्टवेयर कोर्ट की कार्यवाही के दौरान बोले जाने वाले हर एक शब्द को तुरंत हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में लिपिबद्ध कर देगा। मुख्य न्यायाधीश ने उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि इस प्रणाली से न्याय की राह में आने वाली प्रशासनिक रुकावटें दूर होंगी और आम नागरिकों को कम समय में सुलभ न्याय मिल सकेगा।

प्रशिक्षण और भविष्य की रूपरेखा

वकीलों को इस नई तकनीक से सहज बनाने के लिए पिछले दो सप्ताह से विशेष प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, जिसमें हजारों अधिवक्ताओं ने हिस्सा लिया है। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि इससे न्यायालयीन कार्य संस्कृति में पारदर्शिता आएगी। उच्च न्यायालय प्रशासन अब इस मॉडल को चरणबद्ध तरीके से राज्य के सभी जिला और सत्र न्यायालयों में भी आगामी वर्ष के अंत तक लागू करने की व्यापक योजना पर काम कर रहा है।
कंटाप
NEWS
होम 🇮🇳 देश 🗺️ राज्य 🌍 विदेश 🏛️ राजनीति 💼 व्यापार 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 💻 टेक्नोलॉजी 🏥 स्वास्थ्य 📚 शिक्षा 🕉️ धर्म वीडियो राशिफल खोज