राजनीतिक भविष्य का नया ऐलान
उत्तर प्रदेश कैडर की 2013 बैच की पूर्व आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल ने राजनीति में अपने अगले कदम की घोषणा के लिए समय निर्धारित कर लिया है। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर जानकारी दी है कि वह 15 अक्टूबर की दोपहर एक बजे अपने राजनीतिक सफर की आगामी दिशा के बारे में जानकारी साझा करेंगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि इस घोषणा के लिए वह मिर्जापुर पहुंचेंगी, जो उनकी कार्यस्थली रही है। दिव्या मित्तल ने अपनी प्रशासनिक सेवा से लगभग 13 साल तक जुड़ने के बाद अगस्त 2026 में इस्तीफा दे दिया था, जिसे सितंबर में स्वीकार कर लिया गया था। 29 सितंबर को ही उन्होंने औपचारिक रूप से राजनीति में आने का अपना निर्णय सार्वजनिक कर दिया था। अब वह अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स इंस्टाग्राम, फेसबुक और एक्स के जरिए सीधे जनता से जुड़कर अपनी भविष्य की रणनीति बताएंगी।
स्वतंत्र मंच बनाने की योजना
दिव्या मित्तल ने राजनीति में उतरने के अपने फैसले के साथ ही यह स्पष्ट कर दिया है कि वह किसी भी राजनीतिक दल में शामिल नहीं होंगी। उन्होंने किसी भी पार्टी से जुड़ने की अटकलों को खारिज करते हुए कहा है कि वह स्वतंत्र रूप से आम जनता के बीच कार्य करना चाहती हैं। प्रशासनिक सेवा में रहने के दौरान उन्होंने अनुभव किया कि कई बार बजट और मंजूरी होने के बावजूद योजनाओं का लाभ अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक नहीं पहुंच पाता है। इसी व्यवस्थागत कमी को दूर करने के लिए उन्होंने राजनीति को माध्यम बनाने का निर्णय लिया है। उनका मुख्य उद्देश्य लोगों की आवाज बनना और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए एक स्वतंत्र मंच का निर्माण करना है। उन्होंने राहुल गांधी से मुलाकात या अन्य नेताओं के साथ गठबंधन की चर्चाओं को निराधार बताते हुए अपना स्वतंत्र राजनीतिक रुख स्पष्ट किया है।
मिर्जापुर से राजनीति की शुरुआत
मिर्जापुर जिले को केंद्र में रखकर दिव्या मित्तल की राजनीतिक गतिविधियों के कयास तेज हो गए हैं। पूर्व जिलाधिकारी के तौर पर अपने कार्यकाल के दौरान वह विभिन्न कारणों से चर्चा में रही थीं, जिसके कारण अब उनके इसी जिले से चुनाव लड़ने की संभावनाएं जताई जा रही हैं। नवरात्र के पहले दिन मिर्जापुर आगमन पर उनका जगह-जगह भव्य स्वागत हुआ, जिससे यह संकेत मिल रहे हैं कि उनकी राजनीतिक रणनीति पहले से ही तैयार हो चुकी है। उनके स्वागत समारोह में सपा और भाजपा के कई ऐसे स्थानीय नेता भी मौजूद थे जो अपनी पार्टियों में फिलहाल हाशिए पर हैं, जिससे नए राजनीतिक समीकरणों की चर्चा शुरू हो गई है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या वह स्वयं की कोई पार्टी बनाकर चुनावी मैदान में उतरेंगी या किसी अन्य स्वतंत्र योजना को अपनाएंगी। 15 अक्टूबर को दोपहर एक बजे होने वाली उनकी यह घोषणा उनके भविष्य के राजनीतिक सफर की दिशा पूरी तरह स्पष्ट कर देगी।