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गांव में खुला पढ़ाई का नया रास्ता, डिजिटल लाइब्रेरी से युवाओं को मिल रही शहर जैसी सुविधा

सीएम योगी ने बहराइच के खसहा मोहम्मदपुर का उदाहरण देकर बताया, गांवों में कैसे बदल रहा शिक्षा का माहौल

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Administrator
05 अक्ट 2026, 13:30
गांव में खुला पढ़ाई का नया रास्ता, डिजिटल लाइब्रेरी से युवाओं को मिल रही शहर जैसी सुविधा

Lucknow Desk: प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कैसे गांव की तकदीर बदली है। इस बात को सीएम ने अपने एक्स हैंडल पर पोस्ट कर बताया कि प्रदेश के गांवों में शिक्षा का माहौल तेजी से बदल रहा है। उन्होंने बहराइच के तेजवापुर ब्लॉक के खसहा मोहम्मदपुर गांव का उदाहरण दिया, जहां ग्राम पंचायत सचिवालय में आधुनिक डिजिटल लाइब्रेरी शुरू की गई है। इससे गांव के बच्चों और युवाओं को पढ़ाई के लिए अब हर बार शहर का रुख नहीं करना पड़ेगा।


डिजिटल लाइब्रेरी में किताबों के साथ कंप्यूटर, प्रिंटर, वाई-फाई और स्मार्ट टीवी जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। यहां नेशनल बुक ट्रस्ट की किताबों के अलावा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी से जुड़ी पुस्तकें भी रखी गई हैं। इससे ग्रामीण युवा अपने गांव में रहकर पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर सकते हैं।


मुख्यमंत्री ने पोस्ट में पिछली व्यवस्था का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि 2017 से पहले ई-लाइब्रेरी की सुविधा राज्य और जिला स्तर के करीब 76 स्थानों तक ही सीमित थी। वहीं 2012 से 2016 के बीच 6.22 लाख बच्चों को पाठ्यपुस्तकें नहीं मिल पाई थीं और करीब 97 लाख बच्चों को पर्याप्त सरकारी निधि होने के बावजूद यूनिफॉर्म नहीं मिली थी।


सरकार के मुताबिक अब प्रदेश की 57,600 ग्राम पंचायतों तक डिजिटल लाइब्रेरी की सुविधा पहुंच चुकी है। डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए करीब 60 लाख युवाओं को स्मार्टफोन और टैबलेट दिए गए हैं। इसके अलावा 32 हजार से ज्यादा विद्यालयों में स्मार्ट क्लासरूम और 15 हजार से अधिक विद्यालयों में आईसीटी लैब की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इससे गांवों के बच्चों को तकनीक के साथ पढ़ने और आगे बढ़ने के नए अवसर मिल रहे हैं।

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