खरगोन में कांग्रेस पर सियासी हमले
मध्य प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने रविवार को अपने दौरे की शुरुआत खरगोन जिले से की। यहाँ कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने विपक्षी दल कांग्रेस को सीधे तौर पर नेतृत्वहीन और नीतिविहीन करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी अपनी चुनावी हार की सच्चाई को छुपाने के लिए ईवीएम और एसआइआर प्रक्रिया के बहाने जनता के बीच भ्रम फैलाने का काम कर रही है। खंडेलवाल ने स्पष्ट किया कि संगठन की विचारधारा ही भाजपा की मुख्य शक्ति का आधार है। खरगोन जिले की छह विधानसभा सीटों में से भाजपा केवल तीन सीटें ही जीत सकी है। इस परिणाम पर उन्होंने गहरी चिंता जाहिर की और जनसंघ के दौर की याद दिलाते हुए कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाया। उन्होंने सभी छह सीटों पर विजय प्राप्त करने का संकल्प लेने का आह्वान किया। भाजपा प्रमुख का यह दौरा कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा भरने और हार के कारणों पर मंथन करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था। वह पार्टी की मजबूती के लिए जमीनी स्तर पर काम करने की आवश्यकता पर जोर देते रहे।
बड़वानी बैठक में विचारधारा पर जोर
बड़वानी जिले में आयोजित एक जिला स्तरीय बैठक में हेमंत खंडेलवाल ने पार्टी की कार्यप्रणाली को लेकर अपना दृष्टिकोण साझा किया। बैठक एक स्थानीय निजी रिसोर्ट में संपन्न हुई जहाँ उन्होंने कार्यकर्ताओं से संवाद किया। खंडेलवाल ने कहा कि राजनीति में पद और सत्ता कभी भी स्थायी नहीं होती है। उन्होंने अपने स्वयं के उदाहरण से समझाया कि आज वे प्रदेश अध्यक्ष हैं, लेकिन भविष्य में यह पद किसी और के पास होगा। सत्ता परिवर्तन और पदों का आना-जाना एक सामान्य प्रक्रिया है। उन्होंने जोर दिया कि असली ताकत संगठन की विचारधारा और कार्यकर्ताओं की अटूट निष्ठा में निहित होती है। पद छिन सकते हैं लेकिन कार्यकर्ता और पार्टी की विचारधारा हमेशा जीवित बनी रहती है। भाजपा को उन्होंने केवल सत्ता हासिल करने वाला संगठन नहीं बल्कि सिद्धांतों के आधार पर चलने वाली पार्टी बताया। उन्होंने कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए कि संगठन को बूथ स्तर तक पूरी मजबूती के साथ खड़ा करना बेहद आवश्यक है। उनकी बातों का मुख्य संदेश यह था कि व्यक्ति की भूमिका सीमित है, जबकि पार्टी की विचारधारा शाश्वत है।
खंडवा में एकजुटता का संदेश
दौरे के अंतिम चरण में हेमंत खंडेलवाल देर रात तक खंडवा में रुके रहे। वहाँ उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं की एक महत्वपूर्ण बैठक को संबोधित किया। उन्होंने कार्यकर्ताओं को स्पष्ट निर्देश दिया कि वे व्यक्तिगत मतभेदों को पूरी तरह से भुला दें। उन्होंने जोर देकर कहा कि पद की लालसा या चिंता छोड़कर सभी को एकजुट होकर काम करने की आवश्यकता है। पार्टी और विचारधारा को सशक्त बनाना ही सभी कार्यकर्ताओं का प्राथमिक लक्ष्य होना चाहिए। खंडवा प्रवास के दौरान उन्होंने संगठन की आंतरिक एकजुटता पर विशेष बल दिया। उनका मानना है कि जब तक कार्यकर्ता आपसी मतभेद त्यागकर एकजुट नहीं होंगे, तब तक संगठन की मजबूती संभव नहीं है। आने वाले समय में पार्टी की सफलता के लिए उन्होंने सामंजस्य के साथ आगे बढ़ने का सुझाव दिया। खंडेलवाल ने कार्यकर्ताओं के साथ सीधा संवाद करके संगठन के जमीनी मुद्दों को गहराई से समझा। इस दौरे का समापन भाजपा कार्यकर्ताओं के लिए भविष्य की रणनीति और पार्टी अनुशासन के सख्त संदेश के साथ हुआ। कार्यकर्ताओं ने भी उनकी बातों को ध्यानपूर्वक सुना और आगामी चुनौतियों के लिए तैयार रहने का आश्वासन दिया।