कंटाप
NEWS
गुरुवार, 22 अक्तूबर 2026
Follow Us
ब्रेकिंग
मुझे गालियां पड़ेंगी, लेकिन...; योगेंद्र यादव ने कहा- अभी मोदी का इस्तीफा नहीं चाहते लोग      श्रद्धा दुबे तो निकली बड़ी खिलाड़ी, Z गैंग से भी कनेक्शन, लखनऊ लेकर आई पुलिस, बचना हुआ मुश्किल      Rain Alert: बन गया है कम दबाव का क्षेत्र, इन राज्यों में होने जा रही मूसलाधार बारिश, आंधी तूफान का भी अलर्ट      Tiger Shroff Attack Case में बड़ा खुलासा, वारदात से पहले शूटरों ने की थी बंदूक चलाने की प्रैक्टिस, हुआ था म      सऊदी अरब पर अटैक से भड़का भारत, विदेश मंत्रालय की दो टूक- तुरंत बंद हों हमले      फ्रांस में किस धर्म के कितने लोग, यहां कितने रहते हैं मुस्लिम?      30 साल तक..., SIR पर हंगामे के बीच अमित शाह की भविष्यवाणी, राहुल के विदेश दौरे पर भी तंज      दिल्ली में AAP और कांग्रेस की पार्षद भिड़ीं, MCD सदन में खींचतान के बाद आई हाथापाई की नौबत     
SENSEX लोड हो रहा... | NIFTY लोड हो रहा... | GOLD (10g) ₹— | SILVER (10g) ₹— | USD/INR ₹— | CRUDE OIL $— | Uttar Pradesh — लोड हो रहा है | --:--:-- | लाइव अपडेट
@NewsKantap:
राजनीति

जाटलैंड में पोस्टरवार, सपा नेताओं के बयानों पर सियासी हमला

पोस्टर में शिवपाल यादव के कथित ‘राजभर-निषाद नीच’ वाले बयान का भी उल्लेख किया गया है। साथ ही ठाकुर और ब्राह्मण समाज को लेकर लगाए गए आरोपों को भी पोस्टर के जरिए सामने रखा गया है।

A
Administrator
26 अग 2026, 15:23
जाटलैंड में पोस्टरवार, सपा नेताओं के बयानों पर सियासी हमला

Lucknow Desk : सबको गाली, सबका अपमान - समाजवादी पार्टी की यही पहचान जैसे नारों वाले पोस्टरों ने उत्तर प्रदेश की सियासत में एक बार फिर हलचल बढ़ा दी है। मेरठ, बागपत, हापुड़, गाजियाबाद से लेकर राजधानी लखनऊ तक लगाए गए इन पोस्टरों में समाजवादी पार्टी के नेताओं के पुराने बयानों को मुद्दा बनाकर पार्टी पर जातिवादी राजनीति और विवादित भाषा के इस्तेमाल का आरोप लगाया गया है। पोस्टरों में सपा प्रमुख अखिलेश यादव के उस कथित बयान का भी जिक्र किया गया है, जिसमें उन्होंने राष्ट्रीय लोकदल के नेता जयंत चौधरी को लेकर ‘चवन्नी’ शब्द का इस्तेमाल किया था। इसके अलावा सपा प्रवक्ता राजकुमार भाटी से जोड़े जा रहे ‘ब्राह्मण, वेश्या की तरह’ वाले विवादित बयान को भी पोस्टर में प्रमुखता से दिखाया गया है।

पोस्टर में शिवपाल यादव के कथित ‘राजभर-निषाद नीच’ वाले बयान का भी उल्लेख किया गया है। साथ ही ठाकुर और ब्राह्मण समाज को लेकर लगाए गए आरोपों को भी पोस्टर के जरिए सामने रखा गया है। इन पोस्टरों में पूरे मामले को ‘जातिवादी सफाई’ के मुद्दे से जोड़ते हुए समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा गया है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जाट राजनीति का खास प्रभाव माना जाता है। ऐसे में जाटलैंड कहे जाने वाले इलाकों में इस तरह के पोस्टर लगने से राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है।

मेरठ और आसपास के जिलों के साथ लखनऊ में भी पोस्टर लगाए जाने से मामला स्थानीय राजनीति से निकलकर प्रदेश स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। हालांकि, पोस्टर किस संगठन या समूह की ओर से लगाए गए हैं, इसे लेकर तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है। राजनीतिक जानकारों की नजर अब इस बात पर है कि समाजवादी पार्टी इन आरोपों और पोस्टरवार का किस तरह जवाब देती है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा प्रदेश की राजनीति में और गर्म होने की संभावना है।

कंटाप
NEWS
होम 🇮🇳 देश 🗺️ राज्य 🌍 विदेश 🏛️ राजनीति 💼 व्यापार 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 💻 टेक्नोलॉजी 🏥 स्वास्थ्य 📚 शिक्षा 🕉️ धर्म वीडियो राशिफल खोज