गोमतीनगर में जेपीएनआईसी केंद्र पर पहुंचे अखिलेश
लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जयंती के अवसर पर रविवार को समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव लखनऊ के गोमतीनगर स्थित जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय केंद्र यानी जेपीएनआईसी पहुंचे। उन्होंने वहां पहुंचकर जयप्रकाश नारायण की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान उन्होंने जेपीएनआईसी परिसर का दौरा भी किया। इस कार्यक्रम में शामिल होने के बाद उन्होंने मीडिया के सामने प्रदेश सरकार की नीतियों और फैसलों को लेकर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि आज के समय में विकास कार्यों और सरकारी संपत्तियों को जिस तरह से देखा जा रहा है, वह चिंता का विषय है। इस दौरान बड़ी संख्या में सपा कार्यकर्ता और उनके समर्थकों की मौजूदगी भी वहां देखी गई। जयप्रकाश नारायण की प्रतिमा के समक्ष माल्यार्पण कर उन्होंने अपनी पार्टी की विचारधारा और उनके प्रति सम्मान प्रकट किया। यह पूरी घटना रविवार को लखनऊ में हुई है जहाँ सपा प्रमुख ने केंद्र के हालातों पर सरकार को कटघरे में खड़ा करने का काम किया है।
जेपीएनआईसी की स्थिति पर सरकार को घेरा
जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय केंद्र की मौजूदा बदहाली और स्थिति को लेकर अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार पर बेहद तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि पैसों की खनक और लालच के आगे इस महत्वपूर्ण सेंटर को बेच दिया गया है। अखिलेश यादव ने अपने बयान में आरोप लगाया कि इस केंद्र के साथ जो व्यवहार किया गया, वह सरकार की नियत को दर्शाता है। उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि वे केवल अपनी तिजोरी भरने और मुनाफे की तलाश में सरकारी संस्थानों के महत्व को नजरअंदाज कर रहे हैं। उन्होंने जेपीएनआईसी के रखरखाव और उसके इस्तेमाल को लेकर चल रहे विवादों की ओर भी इशारा किया। अखिलेश यादव ने स्पष्ट किया कि लोकनायक जैसे महापुरुष की याद में बने संस्थानों को इस तरह से बेचकर या उपेक्षित छोड़ देना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने वहां उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश की सत्ता जिस तरह से काम कर रही है, उससे जनता का भरोसा धीरे-धीरे कम होता जा रहा है। उन्होंने अपनी बात रखते हुए कहा कि सरकारी संपत्ति को इस तरह से बेचना उनकी कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।
2027 चुनाव को लेकर भाजपा और चुनाव आयोग पर सवाल
आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव के संदर्भ में अखिलेश यादव ने सत्ता परिवर्तन का पुरजोर दावा पेश किया है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में प्रदेश की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा और वर्तमान सरकार को अपनी नीतियों का जवाब देना होगा। इतना ही नहीं, पूर्व मुख्यमंत्री ने भाजपा के साथ-साथ चुनाव आयोग की भूमिका पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने यह स्पष्ट संकेत दिए कि चुनाव आयोग को निष्पक्ष रहकर अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए ताकि जनता का लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर विश्वास बना रहे। उन्होंने कहा कि विपक्ष के तौर पर समाजवादी पार्टी पूरी तरह सतर्क है और आने वाले चुनावों में जनता भाजपा सरकार को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाएगी। अखिलेश यादव की यह टिप्पणी राजनीतिक दृष्टिकोण से काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि उन्होंने जेपीएनआईसी के मुद्दे को चुनाव के केंद्र में लाने का प्रयास किया है। उनकी बातों से यह साफ जाहिर होता है कि वे आने वाले विधानसभा चुनाव में सरकार के कामकाज और भ्रष्टाचार के मुद्दों को जनता के बीच ले जाने की पूरी तैयारी कर चुके हैं। उन्होंने सत्ता में परिवर्तन का संकल्प दोहराते हुए अपनी रणनीति के संकेत दिए हैं।