कंटाप
NEWS
शुक्रवार, 23 अक्तूबर 2026
Follow Us
ब्रेकिंग
जो US लगा रहा था एक्स्ट्रा टैरिफ, अब वही पढ़ रहा कसीदे; भारत की तेल आयात नीति पर क्या बोले मार्को रुबियो      ‘उतनी तो श्रीहरिकोटा से लॉन्चिंग नहीं होती जितनी...', PM मोदी ने कांग्रेस पर कसा जोरदार तंज; जानें और क्या      फ़्रांस के राष्ट्रपति विदेशी नेताओं पर भड़के, 'इस्लामी और प्रवासी भीड़' के आरोप पर दिया जवाब      ‘CJP प्रोटेस्ट के लिए फंडिंग कहां से आती है?’ RSS के Indresh Kumar ने उठाए सवाल      टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस: कोर्ट में फूट-फूटकर रोई राधा, अब पुलिस उगलवाएगी राज      सऊदी अरब में दो बांग्लादेशियों को मौत की सज़ा दिए जाने से जुड़े वे सवाल जो हैं अनसुलझे      दिल्ली में AAP और कांग्रेस की पार्षद भिड़ीं, MCD सदन में खींचतान के बाद आई हाथापाई की नौबत      कौन हैं निर्मला सीतारमण के पति परकला प्रभाकर जो प्रकाश राज और अभिजीत दिपके साथ CJP का प्रदर्शन में शामिल होंगे     
SENSEX लोड हो रहा... | NIFTY लोड हो रहा... | GOLD (10g) ₹— | SILVER (10g) ₹— | USD/INR ₹— | CRUDE OIL $— | Uttar Pradesh — लोड हो रहा है | --:--:-- | लाइव अपडेट
@NewsKantap:
राजनीति

जीवन का संदेश: संघ प्रमुख मोहन भागवत ने जयपुर में कही सार्थक मनुष्यों की आवश्यकता की बात

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत इन दिनों राजस्थान के दौरे पर हैं, जहां उन्होंने जयपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मनुष्य के जीवन और उसकी सोच को लेकर एक गहरा वैचारिक संदेश दिया है।

A
Ankit Yadav
13 सित 2026, 12:22
जीवन का संदेश: संघ प्रमुख मोहन भागवत ने जयपुर में कही सार्थक मनुष्यों की आवश्यकता की बात
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत अपने निर्धारित राजस्थान प्रवास के सिलसिले में इन दिनों जयपुर में मौजूद हैं। अपने इस महत्वपूर्ण दौरे के दौरान उन्होंने विभिन्न कार्यक्रमों और बैठकों में हिस्सा लिया है, जहां उन्होंने समाज, राष्ट्र निर्माण और मानवीय मूल्यों से जुड़े विभिन्न विषयों पर खुलकर अपने विचार रखे। उनके इस दौरे को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में काफी चर्चाएं हो रही हैं, क्योंकि आरएसएस प्रमुख का यह प्रवास संगठन की आगामी गतिविधियों और रणनीतिक दृष्टिकोण से भी काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

सकारात्मक सोच और जीवन मूल्य

मोहन भागवत ने अपने संबोधन के दौरान उपस्थित लोगों को प्रेरित करते हुए एक बेहद अहम दार्शनिक बात कही। उन्होंने स्पष्ट किया कि मनुष्य को अपने जीवन में कभी भी असफल होने की कामना या विचार मन में नहीं लाना चाहिए। विफलता से डरने या उसकी इच्छा रखने के बजाय हर व्यक्ति को निरंतर सकारात्मक दिशा में प्रयास करते रहना चाहिए। संघ प्रमुख ने बल दिया कि आज के मौजूदा वैश्विक परिदृश्य में दुनिया को केवल साधारण जीवन बिताने वाले लोगों की नहीं, बल्कि समाज के प्रति समर्पित और सार्थक मनुष्यों की अत्यधिक आवश्यकता है।

वैचारिक परिप्रेक्ष्य और सामाजिक सहभागिता

आरएसएस प्रमुख के विचारों का मुख्य केंद्र हमेशा से सामाजिक उत्थान, राष्ट्रीय चरित्र निर्माण और सांस्कृतिक पुनरुत्थान रहा है। जयपुर में उनके द्वारा दिए गए इस संदेश का उद्देश्य युवाओं और स्वयंसेवकों को जीवन की चुनौतियों का डटकर मुकाबला करने के लिए प्रेरित करना था। आज के आधुनिक दौर में जहां लोग अक्सर भौतिकतावादी स्पर्धा में उलझकर अपनी मूल मानवीय उपयोगिता को भूल जाते हैं, ऐसे में सार्थक जीवन जीने और समाज के लिए उपयोगी बनने का यह आह्वान बेहद प्रासंगिक माना जा रहा है। इस दौरान स्थानीय स्तर पर कई गणमान्य नागरिक और संघ के कार्यकर्ता भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। आगामी दिनों में संघ प्रमुख के इस राजस्थान प्रवास के दौरान कई अन्य संगठनात्मक बैठकों के आयोजित होने की भी संभावना जताई जा रही है। इन बैठकों में राज्य के विभिन्न हिस्सों से आए कार्यकर्ताओं से संवाद किया जाएगा और संगठन के कार्यों की समीक्षा की जाएगी। मोहन भागवत के इस दौरे और उनके द्वारा दिए गए प्रेरणादायक बयानों से राज्य के वैचारिक गलियारों में एक नई ऊर्जा का संचार हुआ है, जिसका प्रभाव आने वाले समय में सामाजिक आयोजनों और गतिविधियों पर भी स्पष्ट रूप से देखने को मिल सकता है।
कंटाप
NEWS
होम 🇮🇳 देश 🗺️ राज्य 🌍 विदेश 🏛️ राजनीति 💼 व्यापार 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 💻 टेक्नोलॉजी 🏥 स्वास्थ्य 📚 शिक्षा 🕉️ धर्म वीडियो राशिफल खोज