गरबा मंच से मंत्री का तीखा बयान
इस वायरल वीडियो में मंत्री जी एक गरबा कार्यक्रम के दौरान लोक गीत पर उत्साह के साथ नृत्य करते हुए साफ नजर आ रहे हैं। इस वीडियो के सार्वजनिक होने के बाद विपक्षी दलों के नेताओं ने मंत्री की मौजूदगी और उनके इस अंदाज पर तीखे सवाल खड़े करने शुरू कर दिए हैं। विपक्षी नेताओं के इन तीखे हमलों और सोशल मीडिया पर हो रही आलोचनाओं से आहत होकर मंत्री ने अपनी चुप्पी तोड़ी है। चिरमिरी में आयोजित एक गरबा महोत्सव के मंच से मंत्री ने एक बड़ा और कड़ा बयान दिया है। मंत्री ने साफ शब्दों में कहा है कि सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर सोच समझकर टिप्पणियां लिखनी चाहिए अन्यथा वे इसका कड़ा जवाब सीधे सोशल मीडिया के माध्यम से ही देंगे। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में यह भी कहा कि इसके बाद लोग लिखना और पढ़ना दोनों भूल जाएंगे। मंत्री के इस बयान के बाद से राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार काफी गर्म हो गया है और विभिन्न प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
संस्कृति संरक्षण और अस्पताल की घटना
गरबा महोत्सव के दौरान अपने संबोधन में मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने अपनी बात को विस्तार देते हुए भारतीय संस्कृति और प्राचीन परंपराओं के संरक्षण पर विशेष जोर दिया। मंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि हमारी संस्कृति और परंपराओं को नष्ट करने या कमजोर करने के किसी भी प्रयास को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि इन सांस्कृतिक धरोहरों को बचाए रखना और उनका संरक्षण करना पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। दूसरी ओर छत्तीसगढ़ की राजनीति में यह विवाद एक अन्य गंभीर घटना के साथ सीधे तौर पर जुड़ा हुआ है। कुछ समय पहले मनेंद्रगढ़ के दो सौ बीस बिस्तरीय सिविल अस्पताल में प्रसव के बाद एक नवजात शिशु की अचानक मौत का बेहद दुखद मामला सामने आया था। इस गंभीर घटना के बाद मृत बच्चे के परिजनों ने अस्पताल के डॉक्टरों पर गंभीर लापरवाही बरतने के गंभीर आरोप लगाए थे। इस पूरे वाकया की गंभीरता को पूरी तरह समझते हुए राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने तुरंत कार्रवाई करते हुए एक पांच सदस्यीय उच्च स्तरीय जांच टीम का गठन किया था ताकि सच्चाई का पता लगाया जा सके।
राजनीतिक बयानबाजी और जांच का दौर
अस्पताल में हुई नवजात शिशु की मौत के इस संवेदनशील मामले ने राजनीतिक रूप भी ले लिया है। कांग्रेस पार्टी के ब्लॉक अध्यक्ष सौरव मिश्रा ने इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर एक पोस्ट लिखकर अस्पताल की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल उठाए थे। उस सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल की गरबा कार्यक्रम में उपस्थिति को लेकर भी जमकर निशाना साधा था। कांग्रेस नेता की इस पोस्ट और लगातार हो रही आलोचनाओं के जवाब में ही मंत्री ने गरबा मंच से अपनी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी। वर्तमान समय में छत्तीसगढ़ की राजनीति में मुख्य रूप से दो बड़े और गंभीर मुद्दे एक साथ चर्चा का केंद्र बने हुए हैं। एक तरफ मनेंद्रगढ़ अस्पताल में हुई नवजात बच्चे की मौत के मामले में स्वास्थ्य विभाग द्वारा गठित जांच टीम की रिपोर्ट और कार्रवाई का विषय है। दूसरी तरफ गरबा कार्यक्रम और सोशल मीडिया पर की गई टिप्पणियों को लेकर दोनों पक्षों के बीच लगातार तेज होती जा रही राजनीतिक बयानबाजी है। इन दोनों मामलों के कारण राज्य का राजनीतिक माहौल गरमाया हुआ है और प्रशासनिक स्तर पर भी इस पर पूरी नजर रखी जा रही है।