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राजनीति

नई नियुक्ति: पूर्व मुख्य सचिव दीपक कुमार बने आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष

बिहार प्रशासनिक सेवा के वरिष्ठ अधिकारी दीपक कुमार को नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। सरकार ने उन्हें आपदा प्रबंधन प्राधिकरण का उपाध्यक्ष नियुक्त किया है। इस पद पर उन्हें कैबिनेट मंत्री का दर्जा मिलेगा।

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Ankit Yadav
02 अक्ट 2026, 12:10
नई नियुक्ति: पूर्व मुख्य सचिव दीपक कुमार बने आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष

आपदा प्रबंधन प्राधिकरण में नई नियुक्ति

बिहार के प्रशासनिक गलियारों में अपनी खास पहचान रखने वाले सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी दीपक कुमार को एक नया दायित्व सौंपा गया है। आधिकारिक आदेश के अनुसार उन्हें बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण का उपाध्यक्ष बनाया गया है। इस पद की प्राप्ति के साथ ही प्रशासनिक महकमे में उन्हें कैबिनेट मंत्री के बराबर का रुतबा और दर्जा प्राप्त होगा। राज्य में वर्तमान समय में बाढ़ और अन्य प्राकृतिक आपदाओं की गंभीर स्थिति बनी रहती है। ऐसे कठिन समय में प्राधिकरण के भीतर उनके व्यापक प्रशासनिक अनुभव का पूरा उपयोग किया जाएगा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी इस प्राधिकरण के अध्यक्ष पद पर आसीन हैं। उनके साथ मिलकर दीपक कुमार राज्य भर में आपदा से जुड़ी तैयारियों और राहत कार्यों का जिम्मा संभालेंगे। इस पदोन्नति के बाद मुख्यमंत्री सचिवालय के साथ उनका लंबा प्रशासनिक नाता आधिकारिक रूप से समाप्त हो गया है। करीब पांच वर्षों तक मुख्यमंत्री सचिवालय के अंतर्गत अपनी सेवाएं देने के बाद अब उनका कार्यक्षेत्र पूरी तरह से बदल चुका है। प्रशासनिक जानकारों का मानना है कि उनका यह लंबा तजुर्बा आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में काफी मददगार साबित होगा।

लंबा प्रशासनिक सफर और मुख्य सचिव का कार्यकाल

दीपक कुमार वर्ष 1984 बैच के एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी हैं। अपने लंबे और प्रभावशाली प्रशासनिक जीवन के दौरान उन्होंने केंद्र सरकार से लेकर राज्य सरकार तक कई अहम पदों पर सफलतापूर्वक कार्य किया है। उन्होंने अपने करियर के शुरुआती दौर में बिहार और झारखंड के कई जिलों में जिलाधिकारी के रूप में अपनी सेवाएं दी थीं। बक्सर, नालंदा, हजारीबाग और मोतिहारी जैसे महत्वपूर्ण जिलों में प्रशासनिक कमान उनके हाथों में रही थी। इसके अलावा उन्होंने केंद्रीय स्तर पर भी कई बड़ी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया था। वह केंद्र सरकार में कर्मचारी राज्य बीमा निगम के महानिदेशक और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के चेयरमैन जैसे अहम पदों पर भी तैनात रह चुके हैं। वर्ष 2018 के मई महीने में उन्हें बिहार का मुख्य सचिव नियुक्त किया गया था। इस सर्वोच्च प्रशासनिक पद पर रहते हुए उन्होंने तीन वर्षों तक राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था का संचालन किया। अंततः फरवरी 2021 में वह अपनी आधिकारिक सेवा से सेवानिवृत्त हुए थे। सेवानिवृत्ति के ठीक अगले दिन यानी 20 मार्च 2021 को उन्हें तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रधान सचिव के रूप में नियुक्त कर दिया गया था। इसके बाद लगातार सत्ता परिवर्तन के बावजूद उनका प्रभाव सचिवालय में बरकरार रहा और वह मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के कार्यकाल में भी प्रधान सचिव बने रहे।

विपक्ष के निशाने पर रहे डीके बॉस की सियासी चर्चा

दीपक कुमार को बिहार की नौकरशाही का एक बेहद ताकतवर और प्रभावशाली अधिकारी माना जाता रहा है। नीतीश कुमार के लंबे शासनकाल के दौरान मुख्यमंत्री सचिवालय के भीतर उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही थी। प्रशासनिक मामलों में उनके भारी प्रभाव और दबदबे के कारण विपक्षी दलों के नेताओं और सरकार के आलोचकों द्वारा उन पर लगातार सवाल उठाए जाते रहे थे। राज्य के कई प्रमुख विपक्षी नेताओं ने उन्हें लेकर सार्वजनिक मंचों पर तीखे बयान दिए थे। खासकर राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव समेत कई अन्य विपक्षी नेता उन्हें अक्सर डीके बॉस और सुपर सीएम जैसे संबोधनों से पुकारते थे। उनके प्रशासनिक निर्णयों और कार्यशैली को लेकर विपक्ष की ओर से समय-समय पर तीखी आलोचना की जाती रही थी। हालांकि इन तमाम राजनीतिक बयानों और आरोपों के बावजूद प्रशासनिक हलकों में उनकी कार्यकुशलता को हमेशा सराहा गया। मुख्यमंत्री सचिवालय से बाहर होने और आपदा प्रबंधन प्राधिकरण में जाने के बाद अब नौकरशाही में उनकी भूमिका का स्वरूप पूरी तरह बदल चुका है। इतने लंबे समय तक सत्ता के केंद्र में रहने के बाद अब उनका ध्यान राज्य की सुरक्षा और आपदा से जुड़े प्रबंधकीय कार्यों पर केंद्रित रहेगा। इस बदलाव को प्रशासनिक दृष्टि से एक बड़ा फेरबदल माना जा रहा है।

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