मोबाइल नंबर ब्लॉक होने पर अपनाया नया तरीका
डिजिटल संचार माध्यमों में तकनीकी बाधा आने के बाद पूर्व आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल ने एक बिल्कुल अलग ही रास्ता निकाला है। तकनीकी कारणों के चलते उनका मोबाइल नंबर फिलहाल काम नहीं कर रहा है और उस पर रोक लगा दी गई है। इस बाधा के बावजूद उन्होंने जनता के साथ अपना संपर्क टूटने नहीं दिया है। लोगों की आवाज और उनकी बात उन तक लगातार बिना किसी रुकावट के पहुंचती रहे, इसके लिए उन्होंने एक ऑनलाइन माध्यम का उपयोग करना शुरू कर दिया है। इसी उद्देश्य के तहत उन्होंने एक विशेष गूगल फॉर्म तैयार किया है जिसके माध्यम से लोग आसानी से अपनी बात उन तक पहुंचा सकते हैं। इस डिजिटल फॉर्म को भरने की प्रक्रिया बेहद सरल रखी गई है ताकि हर आम नागरिक इसमें अपनी बात दर्ज करा सके। नंबर पर लगी रोक के बाद भी जनता के बीच सक्रिय रहने के लिए उनका यह नया कदम उठाया गया है, जिससे लोग उनके साथ सीधे तौर पर संवाद स्थापित कर पा रहे हैं और अपनी बात उन तक पहुंचा रहे हैं।
राजनीतिक पहल में योगदान के लिए तैयार किया फॉर्म
दिव्या मित्तल द्वारा बनाए गए इस विशेष गूगल फॉर्म का मुख्य उद्देश्य लोगों को अपनी आगामी राजनीतिक योजनाओं से जोड़ना है। इस डिजिटल फॉर्म के जरिए नागरिक बहुत आसानी से यह बता सकते हैं कि वे उनकी इस प्रस्तावित राजनीतिक पहल में किस प्रकार से अपना योगदान देना चाहते हैं। फॉर्म में विभिन्न विकल्प दिए गए हैं ताकि लोग अपनी इच्छा और क्षमता के अनुसार समर्थन दे सकें। वर्तमान में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक समूह के भीतर अधिकतम 1024 सदस्यों को जोड़ने की अनुमति होती है। इसके अलावा प्रतिदिन भेजे जाने वाले संदेशों की संख्या को लेकर भी कोई पूर्व निर्धारित सीमा तय नहीं की गई है। हालांकि कई बार जब किसी एक ही समूह के अंदर बहुत अधिक मात्रा में एक जैसे संदेश लगातार भेजे जाने लगते हैं, तब सोशल मीडिया का स्वचालित सिस्टम उसे स्पैम के रूप में चिन्हित कर लेता है। इसी स्पैम गतिविधि के कारण संबंधित नंबर पर अस्थायी रूप से रोक लगा दी जाती है और वह नंबर कुछ समय के लिए काम करना बंद कर देता है।
उत्तर प्रदेश से शुरू होगी नई राजनीतिक यात्रा
राजनीति की दुनिया में कदम रखने की औपचारिक घोषणा करते हुए उन्होंने पहले ही यह साफ कर दिया था कि वह अपनी इस नई राजनीतिक यात्रा का आरंभ उत्तर प्रदेश राज्य से करेंगी। उनकी इस योजना के तहत वह किसी भी स्थापित राजनीतिक दल के साथ जुड़ने के बजाय सीधे तौर पर आम जनता के साथ मिलकर कार्य करने की इच्छा रखती हैं। जन समर्थन जुटाने और लोगों की राय जानने की इसी कड़ी में उन्होंने गूगल फॉर्म का यह नया विकल्प तैयार किया है ताकि किसी भी तकनीकी दिक्कत की वजह से उनके और जनता के बीच की दूरी न बढ़े। आम जनता की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए वह लगातार अलग-अलग तरीकों से लोगों से संवाद स्थापित कर रही हैं। किसी भी दल का दामन थामने की बजाय स्वतंत्र रूप से आगे बढ़ने के उनके इस निर्णय को एक अलग राजनीतिक दृष्टिकोण के रूप में देखा जा रहा है। उत्तर प्रदेश की धरती से अपनी इस अनोखी राजनीतिक पारी की शुरुआत करने से पहले वह जनसंवाद को मजबूत करने की हरसंभव कोशिश कर रही हैं ताकि हर व्यक्ति अपनी बात खुलकर रख सके।