विभिन्न जिलों में मतगणना की स्थिति
मध्य प्रदेश के कई जिलों में शनिवार को 104 पदों पर हुए उपचुनाव की गिनती का कार्य प्रशासन की देखरेख में पूरा किया गया। सुसनेर नगर परिषद के अध्यक्ष पद के साथ ही नलखेड़ा जनपद के वार्ड 11 और वार्ड 6 के परिणाम सामने आए हैं। सुसनेर में 15 वार्डों के लिए 17 केंद्रों पर करीब 75.96 प्रतिशत मतदाताओं ने अपना वोट डाला था, जिसके लिए आईटीआई कॉलेज में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच गिनती की गई। इसके अलावा दमोह जिले के फतेहपुर जनपद सदस्य उपचुनाव में बाबूलाल सौर 123 मतों से विजयी रहे। मऊगंज जिले की नईगढ़ी जनपद पंचायत में पथरौड़ा ग्राम पंचायत से राजेश प्रजापति ने 131 वोटों से जीत हासिल की, जबकि जोधपुर द्वितीय सीट पर ठाकुर सोमेश्वर सिंह 82 वोटों से विजेता घोषित किए गए। मतगणना के दौरान तहसीलदार और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में सभी प्रक्रियाएं निर्धारित नियमों के तहत संपन्न की गईं और विजयी उम्मीदवारों के समर्थकों में उत्साह देखा गया।
सरपंच उपचुनाव के परिणाम और आंकड़े
रतलाम जिले की ईटावा माताजी पंचायत में सरपंच पद के उपचुनाव का परिणाम एक घंटे के भीतर ही स्पष्ट हो गया, जहाँ भाजपा समर्थित कुशालसिंह 98 मतों के अंतर से विजयी रहे। राजनगर में भी भाजपा का प्रदर्शन मजबूत रहा, जहाँ मऊसानिया से निहारिका पाठक 202 वोटों से और सीलोन से रामसखी पटेल 453 वोटों से जीतीं। बालाघाट की भरवेली पंचायत में सरपंच पद के लिए पांच उम्मीदवार मैदान में थे, जहां गीता अनिल बिसेन दूसरे राउंड की गिनती तक 35 वोटों से आगे चल रही थीं। लालबर्रा जनपद की खुरपुड़ी पंचायत में धनाराम पगरवार ने 536 वोट पाकर महेश कावरे को 24 मतों से पछाड़ा है, हालांकि इसकी अंतिम आधिकारिक पुष्टि की प्रतीक्षा है। खातेगांव की साकट्या पंचायत से लक्ष्मीनारायण लच्छू पटेल विजयी घोषित किए गए हैं। प्रत्येक मतदान स्थल पर पुलिस का कड़ा पहरा तैनात था ताकि शांति बनी रहे और मतगणना बिना किसी बाधा के पूरी हो सके।
जिला पंचायत वार्ड उपचुनाव का संदर्भ
रायसेन जिला पंचायत वार्ड क्रमांक-3 के उपचुनाव की मतगणना शासकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज में शनिवार को जारी रही, जहां पूजा राकेश चौकसे ने कुल 4900 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की। कुल छह राउंड में से चार राउंड पूरे होने के बाद से ही पूजा चौकसे बढ़त बनाए हुए थीं, जबकि लक्ष्मण लोधी दूसरे स्थान पर रहे। जीत के बाद पूजा चौकसे ने इसे सत्य की विजय बताते हुए क्षेत्र की व्यवस्थाओं में सुधार लाने का संकल्प व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि इस सीट के रिक्त होने के बाद उन्हें पुनः चुनाव लड़ना पड़ा जिसके लिए उन्हें कानूनी लड़ाई भी लड़नी पड़ी थी। यह चुनाव प्रक्रिया राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशों के तहत पूरी की गई और मतगणना के लिए तैनात कर्मचारियों को पूर्व में ही विशेष प्रशिक्षण दिया गया था। आगर-मालवा में हुए प्रशिक्षण के दौरान प्रेक्षक दुर्ग विजय सिंह ने सभी कर्मचारियों को सावधानीपूर्वक कार्य करने के सख्त निर्देश दिए थे, जिसका पालन करते हुए प्रशासन ने प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया।