कंटाप
NEWS
शुक्रवार, 23 अक्तूबर 2026
Follow Us
ब्रेकिंग
'मराठा आरक्षण आंदोलन रोकने के लिए 500 करोड़ दे रहे थे', जरांगे पाटिल ने लगाया आरोप; शिंदे ने किया इनकार      रिलायंस की रिफाइनरी में रुबियो का जोरदार स्वागत, अंबानी संग कई अहम मुद्दों पर हुई बात      स्पीकर ओम बिरला की दो टूक, अगर CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष का प्रस्ताव...      ‘उतनी तो श्रीहरिकोटा से लॉन्चिंग नहीं होती जितनी...', PM मोदी ने कांग्रेस पर कसा जोरदार तंज; जानें और क्या      यूं ही नहीं फ्रांस से भारत तक हो रहे दंगे-प्रदर्शन, 13 देशों के 101 संगठनों का सीक्रेट नेटवर्क कर रहा काम      टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस: कोर्ट में फूट-फूटकर रोई राधा, अब पुलिस उगलवाएगी राज      ज्ञानेश कुमार पर आर-पार, इस बार बीजेपी भी तैयार... SIR पर आज फिर छिड़ेगा संग्राम!      दिल्‍ली नगर निगम में विकास निधि-प्रदूषण पर AAP का हंगामा, पार्षदों में हाथापाई की नौबत; मेयर को सुरक्षित निकाला     
SENSEX लोड हो रहा... | NIFTY लोड हो रहा... | GOLD (10g) ₹— | SILVER (10g) ₹— | USD/INR ₹— | CRUDE OIL $— | Uttar Pradesh — लोड हो रहा है | --:--:-- | लाइव अपडेट
@NewsKantap:
राजनीति

राजनीतिक चर्चा तेज: अयोध्या के महंत ने अखिलेश यादव के नारे को बताया भगवान राम का आदर्श

उत्तर प्रदेश की राजनीति में धर्म और समाजवाद के बीच एक नई बहस छिड़ गई है। अयोध्या के एक प्रमुख महंत ने समाजवादी पार्टी प्रमुख के राजनीतिक नारे की तुलना भगवान राम के जीवन आदर्शों से की है। इस बयान के बाद राज्य के राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

A
Ankit Yadav
10 अक्ट 2026, 15:12
राजनीतिक चर्चा तेज: अयोध्या के महंत ने अखिलेश यादव के नारे को बताया भगवान राम का आदर्श

महंत दिलीप दास त्यागी का बड़ा बयान

अयोध्या नगरी के प्रसिद्ध संत दिलीप दास त्यागी ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक नया बयान देकर सबको चौंका दिया है। उन्होंने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले संक्षिप्त राजनीतिक नारे को सीधे तौर पर भगवान राम के आदर्शों से जोड़ दिया है। महंत का मानना है कि यह केवल एक राजनीतिक नारा मात्र नहीं है बल्कि इसके भीतर समाज के उत्थान की गहरी भावना छिपी हुई है। उन्होंने अपने संबोधन में इस बात पर विशेष जोर दिया कि भगवान श्रीराम ने अपने पूरे जीवनकाल में समाज के कमजोर, पिछड़े, दलित और शोषित वर्गों को हमेशा उचित सम्मान देने का बड़ा संदेश दिया था। उनके मुताबिक समाज के वंचित तबके को मुख्य धारा में आगे बढ़ाने की सोच ही सही मायने में समाज के विकास का एकमात्र रास्ता है। संत समाज की तरफ से इस प्रकार के विचारों के आने के बाद राज्य की राजनीति में एक अलग ही प्रकार की हलचल देखने को मिल रही है। राजनीतिक विश्लेषक इस बयान को आगामी समीकरणों के लिहाज से काफी अहम मान रहे हैं।

भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला

संत दिलीप दास त्यागी ने केवल समाजवादी विचारधारा की सराहना ही नहीं की बल्कि सत्तारूढ़ दल भारतीय जनता पार्टी पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने राम मंदिर के निर्माण के दौरान एकत्रित किए गए चंदे से जुड़े विवाद का खुलकर जिक्र किया। महंत ने कहा कि आम जनता के मन में इस चंदे की पारदर्शिता को लेकर तमाम तरह के गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। इसी संदर्भ में उन्होंने भगवान राम के नाराज होने की बात भी कही हालांकि इस प्रकार के आरोपों की कोई स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाती है। यह तीखी टिप्पणी सीधे तौर पर भाजपा के खिलाफ उनके मुखर राजनीतिक रुख को पूरी स्पष्टता के साथ दर्शाती है। इसके अलावा उन्होंने अपनी गहरी इच्छा व्यक्त करते हुए कहा कि अयोध्या के स्थानीय समाजवादी पार्टी नेता पवन पांडेय को राजनीति में और अधिक आगे बढ़ाया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि इस नेता को भविष्य में कैबिनेट मंत्री के पद पर देखना संत समाज की बड़ी इच्छा है। संत समाज की तरफ से लगातार मिल रहे ऐसे बयानों ने प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में एक नई बहस को जन्म दे दिया है।

समाजवादी विचारधारा और भविष्य की शुभकामनाएं

समाजवाद की वैचारिक पृष्ठभूमि पर चर्चा करते हुए महंत दिलीप दास त्यागी ने देश के जाने-माने समाजवादी चिंतक डॉक्टर राम मनोहर लोहिया और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि इन दिग्गज नेताओं ने प्रदेश में समाजवादी आंदोलन को आगे बढ़ाने में बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। अब मौजूदा समय में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव इस महान विचारधारा को आगे ले जाने का काम कर रहे हैं। महंत ने खुले तौर पर अखिलेश यादव के प्रति अपना समर्थन जाहिर किया और उनके उज्ज्वल राजनीतिक भविष्य के लिए अपनी शुभकामनाएं दीं। उन्होंने यह भी कामना की कि आगामी चुनाव में अखिलेश यादव को शानदार जीत हासिल हो और वे एक बार फिर राज्य के मुख्यमंत्री की कुर्सी पर आसीन हों। संत समाज की ओर से उन्हें लगातार आशीर्वाद और शुभकामनाएं प्रेषित की जा रही हैं। इस पूरे घटनाक्रम और बयानों के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में सामाजिक न्याय, समानता और भगवान राम के आदर्शों को लेकर नए सिरे से वैचारिक चर्चा और बहस का दौर काफी तेज हो गया है।

कंटाप
NEWS
होम 🇮🇳 देश 🗺️ राज्य 🌍 विदेश 🏛️ राजनीति 💼 व्यापार 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 💻 टेक्नोलॉजी 🏥 स्वास्थ्य 📚 शिक्षा 🕉️ धर्म वीडियो राशिफल खोज